पुलिस-किसान आमने-सामने, रिंग रोड विवाद पर टैंट उखाड़े, कई हिरासत में; हाईवे जाम की कोशिश से हालात तनावपूर्ण
अंबाला में रिंग रोड निर्माण को लेकर किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने धरनास्थल से टैंट उखाड़े और कई किसानों को हिरासत में लिया। हाईवे जाम की कोशिश के बाद स्थिति तनावपूर्ण रही।
➤ धरनास्थल से किसानों के टैंट उखाड़े, कई हिरासत में
➤ अंबाला-जगाधरी नेशनल हाईवे की ओर कूच, भारी पुलिस बल तैनात
➤ रिंग रोड से खेतों के रास्ते और जल निकासी पर विवाद गहराया
हरियाणा के अंबाला में निर्माणाधीन रिंग रोड को लेकर गुरुवार को हालात अचानक बिगड़ गए और किसानों व पुलिस के बीच झड़प हो गई। गांव सपेड़ा और आसपास के पांच गांवों के किसान पिछले दस दिनों से खेतों में जाने के रास्ते और बरसाती पानी की निकासी की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। पुलिस ने धरनास्थल खाली कराते हुए किसानों के टैंट उखाड़ दिए और कई किसानों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद आक्रोशित किसान अंबाला-जगाधरी नेशनल हाईवे की ओर कूच करने लगे, जहां एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
किसानों का कहना है कि उनकी बातचीत National Highways Authority of India (NHAI) के अधिकारियों से चल रही थी, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। उनका आरोप है कि रिंग रोड बनने के बाद खेतों तक पहुंच का रास्ता बाधित हो जाएगा और बारिश के पानी की निकासी में भी दिक्कतें आएंगी। इसी मांग को लेकर 10 दिन पहले धरना शुरू किया गया था।
क्या है पूरा विवाद
अंबाला में पांच राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में जोड़ने के लिए रिंग रोड परियोजना पर काम चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद अंबाला-चंडीगढ़ (NH-152), अंबाला-रुड़की (NH-344), अंबाला-जगाधरी (NH-444A), दिल्ली-अमृतसर (NH-44) और अंबाला-हिसार (NH-65) आपस में जुड़ जाएंगे। परियोजना का आधे से ज्यादा काम पूरा बताया जा रहा है और इसे समय पर पूरा करने का दबाव भी है।
किसानों के अनुसार, गुरुवार दोपहर तक जब कोई समाधान नहीं निकला तो उन्होंने निर्माण में लगी मशीनों की घेराबंदी शुरू कर दी। इसके बाद अधिकारियों ने पुलिस को बुलाया। अंबाला, महेशनगर और साहा थानों से पुलिस मौके पर पहुंची और धरनास्थल खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी। टैंट उखाड़े गए, खाटें हटाई गईं और कुछ किसानों को बसों में बैठाकर हिरासत में लिया गया। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
हाईवे की ओर बढ़े किसान, मौके पर पहुंचे चढ़ूनी
पुलिस कार्रवाई से नाराज किसान रिंग रोड के पास ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। बाद में वे अंबाला-जगाधरी नेशनल हाईवे की ओर बढ़ने लगे। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
शाम करीब पांच बजे भारतीय किसान यूनियन से जुड़े नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले उन्होंने महापंचायत बुलाने की घोषणा भी की थी और सोशल मीडिया के जरिए अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की थी।
धरना हटते ही NHAI ने शुरू कराया काम
धरनास्थल खाली होने के बाद NHAI की टीम ने निर्माण कार्य दोबारा शुरू करा दिया। इससे पहले जनवरी के दूसरे सप्ताह में भी किसानों ने काम रुकवाया था। अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे थे कि धरना खत्म हो और परियोजना तय समयसीमा में पूरी हो सके।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन किसानों और प्रशासन के बीच समाधान न निकलने से आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की आशंका बनी हुई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बातचीत से रास्ता निकलेगा या टकराव और बढ़ेगा।
Akhil Mahajan