अंसल सुशांत सिटी RWA चुनाव: मतदान से पहले अमित वर्मा-प्रवीण ढींगरा टीम का 'गारंटी कार्ड' चर्चा में, विकास का टाइम-बाउंड रोडमैप किया जारी
पानीपत की अंसल सुशांत सिटी में करीब 20 साल बाद पहली बार लोकतांत्रिक RWA चुनाव हो रहा है। मतदान से पहले अमित वर्मा-प्रवीण ढींगरा टीम ने एक, दो और छह महीने की समयसीमा वाला विकास का ‘गारंटी कार्ड’ जारी किया है।
➤ करीब 20 साल बाद पहली बार लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होगा अंसल सुशांत सिटी RWA का चुनाव
➤ अमित वर्मा-प्रवीण ढींगरा टीम ने एक, दो और छह महीने की समयसीमा वाला ‘गारंटी कार्ड’ किया जारी
➤ राजीव जैन की टीम भी चुनावी मैदान में सक्रिय, अब डेलिगेट्स के मतदान पर टिकी निगाहें
पानीपत। अंसल सुशांत सिटी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) का चुनाव मतदान से कुछ घंटे पहले बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। करीब दो दशक में पहली बार यहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव कराया जा रहा है। इससे पहले RWA के पदाधिकारियों का चयन आम सहमति या सीमित प्रक्रिया के माध्यम से होता रहा है, लेकिन इस बार डेलिगेट्स मतदान के जरिए नई टीम का चयन करेंगे। मतदान से ठीक पहले अमित वर्मा और प्रवीण ढींगरा की टीम ने अपना ‘गारंटी कार्ड’ जारी कर चुनावी मुकाबले को विकास और समयबद्ध कार्ययोजना के मुद्दे पर केंद्रित करने की कोशिश की है। टीम का दावा है कि यदि उसे RWA की जिम्मेदारी मिलती है तो कॉलोनी की प्रमुख समस्याओं और विकास कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए एक महीने, दो महीने और छह महीने की अलग-अलग कार्ययोजना सामने रखी गई है।
अंसल सुशांत सिटी में इस बार का RWA चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब 20 वर्षों के बाद पहली बार यहां पदाधिकारियों के चयन के लिए लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
अब तक RWA की जिम्मेदारी आम सहमति या सीमित चयन प्रक्रिया के माध्यम से तय होती रही थी। इस बार डेलिगेट्स अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर नई टीम का फैसला करेंगे। यही कारण है कि मतदान से पहले दोनों पक्षों ने अपनी चुनावी रणनीति तेज कर दी है।
मतदान से ठीक पहले अमित वर्मा-प्रवीण ढींगरा टीम की ओर से जारी किया गया ‘गारंटी कार्ड’ चुनावी चर्चा के केंद्र में आ गया है। टीम ने इसमें विकास कार्यों के लिए अलग-अलग समयसीमा तय करने का दावा किया है।
टीम का कहना है कि यह केवल चुनावी वादों का दस्तावेज नहीं, बल्कि अंसल सुशांत सिटी के विकास का टाइम-बाउंड रोडमैप है। इसमें प्राथमिकता के आधार पर कामों को एक महीने, दो महीने और छह महीने की समयसीमा में आगे बढ़ाने की योजना रखी गई है।
चुनाव प्रचार के दौरान प्रवीण ढींगरा ने अपने सी-ब्लॉक में कराए गए कार्यों को अपनी कार्यशैली के उदाहरण के रूप में पेश किया। उनका कहना है कि जिस तरह सी-ब्लॉक में समस्याओं को उठाकर समाधान की दिशा में काम किया गया, उसी कार्यप्रणाली को पूरी अंसल सुशांत सिटी में लागू किया जा सकता है।
उन्होंने कॉलोनी की विभिन्न समस्याओं को लेकर पिछले वर्षों में किए गए प्रयासों और संघर्ष का भी उल्लेख किया। टीम इसी अनुभव को अपने चुनाव अभियान का प्रमुख आधार बना रही है।
अमित वर्मा टीम के वरिष्ठ सदस्य एस.के. राणा ने गारंटी कार्ड में शामिल बिंदुओं और विकास की प्राथमिकताओं को विस्तार से सामने रखा। टीम की ओर से दावा किया गया कि RWA की जिम्मेदारी मिलने पर कामों को केवल घोषणाओं तक सीमित रखने के बजाय उनकी प्रगति को समयसीमा से जोड़ा जाएगा।
गारंटी कार्ड के जरिए टीम ने मतदाताओं के सामने यह संदेश देने की कोशिश की है कि चुनाव जीतने के बाद किस अवधि में किन प्राथमिकताओं पर काम किया जाएगा।
प्रवीण ढींगरा ने कहा कि यदि उनकी टीम को जीत मिलती है तो शुरुआती प्राथमिकताओं में अंसल सुशांत सिटी को नगर निगम के दायरे में शामिल कराने की दिशा में प्रयास करना भी शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर हरियाणा सरकार के मंत्री महिपाल ढांडा से मुलाकात की जाएगी। टीम का दावा है कि नगर निगम के दायरे में आने से कॉलोनी के विकास के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में रास्ता आसान हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय संबंधित सरकारी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
दूसरी ओर, राजीव जैन की टीम भी अपनी रणनीति के साथ चुनावी मैदान में सक्रिय है। मतदान से ठीक पहले दोनों पक्षों की गतिविधियां तेज होने से चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
अमित वर्मा-प्रवीण ढींगरा टीम ने जहां समयबद्ध विकास योजना को प्रमुख मुद्दा बनाया है, वहीं अब अंतिम फैसला डेलिगेट्स के मतदान से होगा। मतदान से पहले जारी हुआ ‘गारंटी कार्ड’ मतदाताओं को कितना प्रभावित करता है, यह चुनाव परिणाम से स्पष्ट होगा।
अंसल सुशांत सिटी का यह चुनाव केवल RWA के नए पदाधिकारियों के चयन तक सीमित नहीं माना जा रहा। कॉलोनी की मूलभूत सुविधाओं, प्रशासनिक समन्वय और भविष्य की विकास योजनाओं को लेकर नई टीम की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
करीब दो दशक बाद हो रहे इस लोकतांत्रिक चुनाव को लेकर अब सभी की निगाहें मतदान और चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। डेलिगेट्स का फैसला यह तय करेगा कि आने वाले समय में अंसल सुशांत सिटी RWA की कमान किस टीम के हाथ में होगी और विकास की दिशा क्या होगी।
Akhil Mahajan