सोनीपत में चोरी के शक में 8 साल के बच्चे से कथित बर्बरता, VIDEO वायरल: मारपीट और करंट लगाने का आरोप

सोनीपत के सेक्टर-15 स्थित बिहारी मार्केट में चोरी के शक में 8 वर्षीय बच्चे से कथित मारपीट और बिजली का झटका देने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के तीन वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है, जबकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात भी सामने आई है।

सोनीपत में चोरी के शक में 8 साल के बच्चे से कथित बर्बरता, VIDEO वायरल: मारपीट और करंट लगाने का आरोप

सेक्टर-15 की बिहारी मार्केट में 8 वर्षीय बच्चे से कथित मारपीट का मामला
परिजनों ने पंखे के कंडेनसर से बिजली का झटका देने का भी लगाया गंभीर आरोप
तीन वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप, बाद में दोनों पक्षों में समझौते की बात


हरियाणा के सोनीपत में चोरी के शक में 8 साल के एक बच्चे के साथ कथित रूप से गंभीर मारपीट और प्रताड़ना का मामला सामने आया है। घटना सेक्टर-15 स्थित बिहारी मार्केट की बताई जा रही है। आरोप है कि एक बिजली की दुकान के संचालक और उसके बेटे ने मोटरसाइकिल की खराब बैटरी चोरी होने के शक में बच्चे को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। पीड़ित परिवार ने बच्चे को बिजली का झटका देने का भी गंभीर आरोप लगाया है। घटना से जुड़े तीन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। परिवार की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं, हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच कथित तौर पर माफीनामा और समझौता होने की बात भी सामने आई है। मामले में आरोपों की आधिकारिक जांच और पुलिस कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

बिहारी मार्केट की बिजली दुकान से जुड़ा मामला

पूरा मामला सोनीपत के सेक्टर-15 की बिहारी मार्केट स्थित एक बिजली की दुकान का बताया जा रहा है। परिवार के मुताबिक, दुकान के बाहर रखी मोटरसाइकिल की एक खराब बैटरी गायब हो गई थी। इसके बाद चोरी के शक में 8 वर्षीय बच्चे को पकड़ लिया गया।

परिवार का आरोप है कि बच्चे से पूछताछ करने या मामले की सूचना पुलिस और उसके माता-पिता को देने के बजाय उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया, जिसके बाद इसके अलग-अलग हिस्से सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

परिवार का दावा- बड़े किशोर के कहने पर उठाई थी बैटरी

बच्चे के परिजनों का कहना है कि उसने कथित तौर पर अकेले बैटरी नहीं उठाई थी। परिवार के मुताबिक, मोहल्ले के एक 15-16 वर्षीय किशोर ने छोटे बच्चों से बैटरी उठाने के लिए कहा था। उसके साथ कुछ अन्य बच्चे भी मौजूद थे।

परिवार का दावा है कि दुकानदार के पहुंचने से पहले बाकी बच्चे वहां से चले गए, जबकि 8 वर्षीय बच्चा पकड़ में आ गया। इसके बाद उसके साथ कथित प्रताड़ना शुरू हुई।

बच्चे से मारपीट के गंभीर आरोप

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि बच्चे को पकड़कर उसके साथ मारपीट की गई और उसके हाथ-पैर जबरन मोड़े गए। वायरल वीडियो में भी बच्चे को रोते हुए और खुद को छुड़ाने की कोशिश करते देखा जा सकता है।

परिवार का आरोप है कि बच्चे को डराने और दंडित करने के लिए कानून अपने हाथ में लिया गया। हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाले पूरे घटनाक्रम और परिवार की ओर से लगाए गए सभी आरोपों की आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

कंडेनसर से बिजली का झटका देने का आरोप

मामले में सबसे गंभीर आरोप बच्चे को पंखे के कंडेनसर से बिजली का झटका देने का है। परिजनों का दावा है कि कंडेनसर को पहले बिजली के सॉकेट से चार्ज किया गया और उसके बाद बच्चे पर इस्तेमाल किया गया।

वायरल वीडियो के आधार पर भी इस संबंध में कई दावे किए जा रहे हैं। हालांकि बच्चे को वास्तव में कितनी बार और किस तरह बिजली का झटका दिया गया, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। परिवार ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच किए जाने की मांग की है।

पंखे के कंडेनसर को अपने पिता संजीव गुप्ता को देते हुए और इसी से करंट लगाया गया।

मां पहुंची तो बेटे को छुड़ाने की कोशिश की

घटना के दौरान बच्चे की मां भी मौके पर पहुंची। वायरल वीडियो के एक हिस्से में वह अपने बेटे को छुड़ाने का प्रयास करती दिखाई दे रही है। परिवार का आरोप है कि मां के पहुंचने के बाद भी विवाद तुरंत समाप्त नहीं हुआ।

बच्चे की मां का कहना है कि यदि उसके बेटे से कोई गलती हुई थी तो परिवार को बुलाया जा सकता था। उनका कहना है कि बैटरी से संबंधित नुकसान की भरपाई की जा सकती थी, लेकिन किसी बच्चे के साथ मारपीट करना उचित नहीं है।

तीन वीडियो वायरल होने से मामला आया सामने

इस घटना से जुड़े तीन अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने का दावा किया गया है। वीडियो के अलग-अलग हिस्सों में बच्चे को पकड़कर रखने, उसके साथ कथित मारपीट और परिवार के सदस्यों द्वारा उसे छुड़ाने की कोशिश के दृश्य दिखाई देने की बात कही गई है।

इन वीडियो के वायरल होने के बाद घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि किसी बच्चे पर चोरी का संदेह था तो इसकी सूचना उसके परिवार और पुलिस को क्यों नहीं दी गई।

परिवार का दावा- घटना के बाद डरा हुआ है बच्चा

बच्चे के माता-पिता का कहना है कि घटना के बाद वह काफी डरा हुआ है। परिवार के मुताबिक, बच्चे पर इस पूरे घटनाक्रम का मानसिक असर पड़ा है और वह सामान्य तरीके से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहा है।

परिजनों ने बच्चे के साथ हुई कथित घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि किसी भी आरोप की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी।

थाने तक पहुंचा मामला, समझौते की भी चर्चा

बच्चे की मां के अनुसार, घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बाद में दोनों पक्ष थाने भी गए। परिवार का दावा है कि वहां कथित तौर पर माफी मांगने और बच्चे का इलाज कराने की बात हुई।

मां के मुताबिक, बाद में दोनों पक्षों के बीच माफीनामा और समझौता हो गया। हालांकि इतने गंभीर आरोपों वाले मामले में पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और जांच की स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है।

वायरल VIDEO के बाद उठे बाल सुरक्षा पर सवाल

इस पूरे मामले ने बाल अधिकारों और कानून को हाथ में लेने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसी बच्चे पर चोरी का शक होने की स्थिति में मामले की सूचना उसके माता-पिता और पुलिस को देना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मामले में पुलिस तथ्यों की जांच के बाद क्या कार्रवाई करती है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।