'एथेनॉल पर अफवाह फैलाने वालों को चप्पल से मारेंगे', किसान संघ अध्यक्ष के बयान से मचा सियासी बवाल
भोपाल में भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने एथेनॉल के समर्थन में बड़ा बयान देते हुए विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने गाड़ियों की खराबी के लिए एथेनॉल को जिम्मेदार मानने से इनकार किया।
➤ एथेनॉल के समर्थन में खुलकर उतरा भारतीय किसान संघ, विरोध करने वालों पर तीखी टिप्पणी
➤ राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले- गाड़ियों की खराबी के लिए एथेनॉल जिम्मेदार नहीं, अफवाहें फैलाई जा रहीं
➤ 100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों और पेट्रोल-डीजल को GST में लाने की भी उठाई मांग
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के एथेनॉल संबंधी बयानों के समर्थन में भारतीय किसान संघ (BKS) खुलकर सामने आ गया है। भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने एथेनॉल का विरोध करने वालों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसके खिलाफ गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर अफवाह फैलाने वाले मिल जाएं तो उन्हें "चप्पल से मारेंगे"। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
'एथेनॉल किसान और देश दोनों के हित में'
के. साईं रेड्डी ने कहा कि एथेनॉल का विरोध किसानों और देश, दोनों के हितों के खिलाफ है। उनके मुताबिक एथेनॉल के इस्तेमाल से किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलता है, देश की विदेशी तेल पर निर्भरता कम होती है और प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलती है।
पानी की ज्यादा खपत के दावों को बताया भ्रामक
किसान संघ अध्यक्ष ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन में हजारों लीटर पानी खर्च होने का दावा सही नहीं है। उन्होंने कहा कि गन्ने से रस निकालने के दौरान सीमित मात्रा में ही पानी का उपयोग होता है और फैक्ट्रियों में इस्तेमाल किया गया पानी दोबारा री-साइकिल किया जाता है। इसलिए पानी की अत्यधिक खपत का दावा केवल भ्रम फैलाने वाला है।
'गाड़ियों की खराबी का ठीकरा एथेनॉल पर न फोड़ें'
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों में तकनीकी खराबी के सवाल पर रेड्डी ने कहा कि देश में पिछले पांच वर्षों से एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग हो रहा है। यदि किसी वाहन में तकनीकी समस्या आती है तो उसकी जिम्मेदारी वाहन निर्माता कंपनियों की है। इसे एथेनॉल के खिलाफ प्रचार का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
100% एथेनॉल वाहन और GST की भी उठी मांग
भारतीय किसान संघ ने भविष्य में 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा देने की मांग की। इसके साथ ही संगठन ने पेट्रोल और डीजल को भी GST के दायरे में लाने की वकालत की, ताकि पूरे देश में ईंधन की कीमतों में एकरूपता आए और आम लोगों को राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री से की शुगर मिल किसानों को सौंपने की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान कैलारस शुगर मिल को निजी हाथों में देने के बजाय सहकारी समिति के माध्यम से किसानों को सौंपने की मांग रखी गई। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
गडकरी पहले भी दे चुके हैं सफाई
इससे पहले नितिन गडकरी भी कह चुके हैं कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से गाड़ियां खराब होने का कोई प्रमाण नहीं है। उनका कहना है कि वैकल्पिक ईंधन से तेल आयात घटेगा, प्रदूषण कम होगा और किसानों की आय बढ़ेगी।
Akhil Mahajan