सीलबंद लिफाफे में सुई से छेद, अंदर डाला एंडोस्कोपी कैमरा और ऐसे लीक किया पेपर; ₹11 हजार में छात्रों को बेचा, प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार

सीलबंद लिफाफे में छेद कर एंडोस्कोपी कैमरे से पेपर स्कैन करने के मामले में प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार, ₹11 हजार में छात्रों को बेचा गया प्रश्नपत्र

सीलबंद लिफाफे में सुई से छेद, अंदर डाला एंडोस्कोपी कैमरा और ऐसे लीक किया पेपर; ₹11 हजार में छात्रों को बेचा, प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार

सीलबंद लिफाफे में छेद कर एंडोस्कोपी कैमरे से बनाया पेपर का वीडियो

₹11-11 हजार में छात्रों को बेचा लीक पेपर, WhatsApp पर भी हुआ वायरल

प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार, 2 आरोपी फरार; मोबाइल-कैश और उपकरण जब्त


रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पेपर लीक कांड का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, एक निजी कॉलेज के प्रोफेसर ने सीलबंद लिफाफे में सुई से छोटा सा छेद किया और उसमें एंडोस्कोपी कैमरा डालकर प्रश्नपत्र को स्कैन कर लिया। इसके बाद प्रश्नपत्र की सामग्री को हाथ से लिखकर छात्रों को 11-11 हजार रुपए में बेचा गया। मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड प्रोफेसर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।

पुलिस ने मास्टरमाइंड प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मामला इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, विश्वविद्यालय से जुड़े 28 कृषि कॉलेजों में होने वाली B.Sc. कृषि फर्स्ट ईयर के प्लांट पैथोलॉजी और सेकंड ईयर के दूसरे सेमेस्टर के कीटशास्त्र (एंटोमोलॉजी) विषय के पेपर लीक हुए। पेपर लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा स्थगित कर दी।

सीलबंद लिफाफे में किया ऐसा जुगाड़

पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड योगेश सोनकेसरिया है। वह दुर्ग जिले के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में वर्ष 2019 से प्रोफेसर है। पिछले करीब एक साल से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लेने के लिए रायपुर कृषि महाविद्यालय आता था।

पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त को योगेश उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय पहुंचा था। इसी दौरान उसने आने वाली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लिए। सभी पेपर कॉलेज में रखे जाने के बाद उसने 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र वाला सीलबंद लिफाफा अपने घर ले गया।

आरोप है कि घर पहुंचने के बाद योगेश ने लिफाफे में सुई से छोटा छेद किया। इसके बाद एंडोस्कोपी कैमरे को उस छेद के जरिए लिफाफे के अंदर डालकर प्रश्नपत्र का वीडियो बना लिया। इस तरह उसने बिना लिफाफा पूरी तरह खोले प्रश्नपत्र की सामग्री हासिल कर ली।

इसके बाद प्रश्नपत्र की सामग्री को हाथ से लिखकर अपने कॉलेज के छात्रों को 11 हजार रुपए प्रति छात्र में बेचने का आरोप है।

पुलिस ने कैश और मोबाइल जब्त किया है।

परीक्षा से करीब दो घंटे पहले WhatsApp पर पहुंचा पेपर

IGKV में B.Sc. कृषि सेकंड ईयर के एंटोमोलॉजी यानी कीट विज्ञान का पेपर परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले WhatsApp पर लीक हो गया था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र की तस्वीरें और सवाल विद्यार्थियों के बीच पहुंच गए।

बताया जा रहा है कि पेपर किसी अन्य सोर्स से फॉरवर्ड होकर विद्यार्थियों तक पहुंचा था। WhatsApp पर प्रश्नपत्र के वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को मामले की जानकारी हुई और इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

6 घंटे में पुलिस को मिला लीक का सुराग

पेपर WhatsApp पर वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और संदिग्ध विद्यार्थियों से पूछताछ की। पुलिस ने दुर्ग निवासी अनुज मिंज को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमें कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत कई जिलों में भेजी गईं। पुलिस के अनुसार करीब 36 घंटे की लगातार जांच के बाद पेपर लीक के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ और जांच का कनेक्शन दुर्ग के एक निजी कॉलेज तक पहुंचा।

पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया।

प्रोफेसर के अलावा 5 आरोपी छात्र

पुलिस ने इस मामले में प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार योगेश के अलावा गिरफ्तार किए गए बाकी 5 आरोपी छात्र हैं, जिन्होंने लीक हुआ पेपर खरीदा था।

वहीं, इस मामले में 2 आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस पेपर लीक में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

11 हजार रुपए कैश और 6 मोबाइल जब्त

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई अहम सामान बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, 11 हजार रुपए कैश, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल जब्त किए गए हैं।

बरामद सामान में एंडोस्कोपी कैमरे से जुड़ा उपकरण भी शामिल है। पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि पेपर लीक के नेटवर्क और WhatsApp पर उसके प्रसार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आ सके।

दो परीक्षाओं पर पड़ा असर

इस मामले में B.Sc. कृषि फर्स्ट ईयर की प्लांट पैथोलॉजी परीक्षा 7 अगस्त को और सेकंड ईयर की कीटशास्त्र परीक्षा 20 अगस्त को होनी थी। दोनों परीक्षाएं विश्वविद्यालय से जुड़े 28 कृषि कॉलेजों में आयोजित की जानी थीं।

पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा स्थगित कर दी। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर आया, उसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया और पूरे मामले में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा और कौन लोग शामिल हैं।

फिलहाल पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और 2 फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और पूछताछ से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जा रही है।