पेपर लीक का मास्टरमाइंड बिहार से गिरफ्तार, जूते में छिपाकर निकला था पेपर; इतने करोड़ की डील का खुलासा
पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता बिहार से गिरफ्तार हुआ। जांच में जूते में पेपर छिपाकर बाहर निकालने और करीब डेढ़ करोड़ रुपये की डील का खुलासा हुआ।
➤ महाराष्ट्र TET पेपर लीक का मुख्य आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता बिहार से गिरफ्तार
➤ प्रिंटिंग हाउस से जूते में छिपाकर निकाला गया था प्रश्नपत्र, ₹8 हजार में मिला था पेपर
➤ SIT की कार्रवाई में कई गिरफ्तारियां, पेपर करीब ₹1.5 करोड़ में बेचे जाने का खुलासा
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। भिवंडी पुलिस और एसआईटी (SIT) ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुणे एयरपोर्ट लाया गया, जहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए भिवंडी लाया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि पूरे पेपर लीक नेटवर्क को संगठित तरीके से संचालित किया गया और इसके जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन की आशंका जताई गई है।
जांच में खुलासा हुआ है कि बिजेंद्र कुमार गुप्ता ने अपने साथी सोनू के साथ मिलकर प्रिंटिंग हाउस के कर्मचारियों को पैसे और संपत्ति का लालच देकर प्रश्नपत्र हासिल किया था। इसके बाद प्रश्नपत्र को बेहद शातिर तरीके से जूते में छिपाकर प्रिंटिंग हाउस से बाहर निकाला गया। पुलिस के मुताबिक, यह प्रश्नपत्र महज ₹8 हजार में प्राप्त किया गया था, जबकि बाद में इसे भिवंडी और पुणे समेत महाराष्ट्र के विभिन्न स्थानों पर ऊंची कीमतों पर बेचा गया। जांच में यह भी सामने आया है कि पूरे नेटवर्क के जरिए प्रश्नपत्र की करीब ₹1.5 करोड़ तक की डील हुई थी।
इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश भिवंडी पुलिस ने एक गुप्त अभियान के जरिए किया। पुलिस ने संभावित ग्राहक बनकर आरोपियों से संपर्क किया और जब सौदे की पुष्टि हुई तो कोंगांव के एक होटल में जाल बिछाकर कार्रवाई की। इस दौरान धीरज सिंह, आकाश कुमार और राजीव कुमार को कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच के दौरान एसआईटी ने मामले में कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। इनमें लंबे समय से फरार चल रहा कपिल दहिया भी शामिल है। एसआईटी के अनुसार, कपिल दहिया के खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। उसे पंजाब के पठानकोट से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह भिवंडी के कोंगांव इलाके में लीक प्रश्नपत्र के खरीदार तलाशने का काम कर रहा था।
पुलिस ने सोनू सिंह और मिथुन सिंह को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता को फरार रहने में मदद की। पुलिस के अनुसार, बिहार के हाजीपुर निवासी सोनू सिंह फोटोकॉपी की दुकान चलाता है। जांच में आरोप है कि उसने फर्जी पहचान पत्र तैयार किए, लीक प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग करवाई और अपनी दुकान से उनकी कई प्रतियां निकालीं। पुलिस ने उसकी दुकान से बिजेंद्र गुप्ता के फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए हैं।
वहीं मिथुन सिंह, जो बिजेंद्र गुप्ता का रिश्तेदार बताया गया है, पर आरोप है कि वह पूरी साजिश का हिस्सा था। जांच के मुताबिक, वह कपिल दहिया के साथ पुणे जाकर संभावित खरीदारों की तलाश कर रहा था। उसे पटना से गिरफ्तार किया गया।
एसआईटी ने गिरफ्तार कपिल दहिया, मिथुन सिंह और सोनू सिंह को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 9 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले भी इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी थीं। पुलिस ने सुमन कुमारी, धीरज सिंह, आकाश कुमार और राजीव कुमार को भी गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की वित्तीय लेनदेन और अन्य राज्यों से संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।
पुलिस का दावा है कि बिजेंद्र गुप्ता पहले भी कई राज्यों में पेपर लीक मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ एक हत्या के मामले में भी गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच अधिकारियों के अनुसार, वह कई बार गिरफ्तारी के बाद जमानत पर बाहर आया और नई पहचान के साथ दूसरे राज्यों में सक्रिय होकर इसी तरह के अपराधों को अंजाम देता रहा।
Akhil Mahajan