बच्चों के लिए जामुन तोड़ रहा था सीआरपीएफ जवान, पैर फ‍िसला और गिरकर मौत

बच्चों की छोटी-सी इच्छा पूरी करने निकले एक पिता और CRPF जवान की जिंदगी पलभर में खत्म हो गई। यह दर्दनाक घटना हर किसी की आंखें नम कर रही है।

बच्चों के लिए जामुन तोड़ रहा था सीआरपीएफ जवान, पैर फ‍िसला और गिरकर मौत

20 फुट ऊंचाई से सीमेंटेड नाले में गिरने से हुई मौत

मध्य प्रदेश ड्यूटी पर लौटने से कुछ घंटे पहले हुआ हादसा


हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में सोमवार  एक बेहद भावुक और दर्दनाक हादसा सामने आया। सीआरपीएफ के सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र चौहान (38) अपने बच्चों की जामुन खाने की छोटी-सी इच्छा पूरी करने के लिए पेड़ पर चढ़े थे, लेकिन संतुलन बिगड़ने से करीब 20 फुट नीचे सीमेंटेड नाले में गिर गए। गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई।

पत्नी और दोनों बच्चों के साथ सुरेंद्र चौहान। फाइल फोटो

जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र चौहान वर्तमान में मध्य प्रदेश के शिवपुरी में तैनात थे। वह करीब दस दिन पहले छुट्टी पर अपने पैतृक गांव बीड़ अमीन आए थे। सोमवार को उन्हें पंचकूला होते हुए अपनी ड्यूटी पर लौटना था। सुबह तैयार होने के बाद वह घर से निकलने की तैयारी कर रहे थे।

इसी दौरान उनकी 8 वर्षीय बेटी निष्ठा और 5 वर्षीय बेटे वरदान ने जामुन खाने की इच्छा जताई। बच्चों ने यह भी कहा कि वह अपने साथियों के लिए भी जामुन लेकर जाएं। बच्चों की मासूम इच्छा पूरी करने के लिए सुरेंद्र चौहान घर के सामने स्थित जामुन के पेड़ पर चढ़ गए।

परिजनों के अनुसार, उन्होंने कुछ जामुन तोड़ लिए थे, लेकिन जब वह और ऊपर चढ़े तो अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया। पैर फिसलने से वह करीब 20 फुट नीचे बने सीमेंटेड नाले में गिर पड़े। सिर और शरीर पर गंभीर चोट लगने के कारण वह मौके पर ही बेहोश हो गए।

अस्पताल में पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर मौजूद परिजन और रिश्तेदार।

परिजन और ग्रामीण तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बताया गया कि सुरेंद्र चौहान अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिवार में पत्नी मनु, बेटी निष्ठा, बेटा वरदान, पिता बाबूराम और मां शीला देवी हैं। उनकी पत्नी एक बैंक में कार्यरत हैं।

सोमवार शाम सीआरपीएफ की यूनिट गांव पहुंची और जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव में इस घटना से गहरा शोक व्याप्त है।