CRSSIET झज्जर में नए विद्यार्थियों का स्वागत, ओरिएंटेशन कार्यक्रम में मिला सफलता और करियर का मंत्र
CRSSIET झज्जर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम हुआ। करियर मार्गदर्शन, औद्योगिक अनुभव और रचनात्मक प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों को सीखने का अवसर मिला।
➤ नवप्रवेशित विद्यार्थियों को लक्ष्य, अनुशासन और मेहनत का संदेश
➤ भारत 2047, हर घर तिरंगा और देशभक्ति पर रचनात्मक प्रतियोगिताएं
➤ करियर काउंसलिंग में उद्योग जगत की जरूरतों और रोजगार कौशल की जानकारी
झज्जर। चौधरी रणबीर सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CRSSIET), सिलानी केशो, झज्जर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम, रचनात्मकता और करियर को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास, व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी कौशल और उद्योग जगत की बदलती जरूरतों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
संस्थान के निदेशक-प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने प्रथम वर्ष के सभी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफलता का कोई सरल रास्ता नहीं होता। लक्ष्य की स्पष्टता, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और परिश्रम ही विद्यार्थी को अपने क्षेत्र में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने शैक्षणिक जीवन के शुरुआती दौर से ही अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट रहें और उस दिशा में निरंतर प्रयास करते रहें।
‘भारत 2047’ से ‘हर घर तिरंगा’ तक, विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
ओरिएंटेशन कार्यक्रम को केवल संस्थान और शैक्षणिक व्यवस्था के औपचारिक परिचय तक सीमित नहीं रखा गया। विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक और बौद्धिक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान ‘भारत 2047’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके अलावा ‘हर घर तिरंगा’ विषय पर पोस्टर मेकिंग, देशभक्ति पर निबंध लेखन और तिरंगा विषय पर स्लोगन लेखन प्रतियोगिताएं भी कराई गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचार व्यक्त करने और रचनात्मक प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
विद्यार्थियों ने सभी प्रतियोगिताओं में उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा, विचारों तथा रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। इन प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन डॉ. पूर्णिमा एवं उनकी टीम के समन्वित प्रयासों से संभव हो सका।
करियर काउंसलिंग में उद्योग जगत की जरूरतों से कराया परिचित
कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यार्थियों को करियर और उद्योग जगत से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों से अवगत कराया गया। पैरामाउंट, पानीपत के चेयरमैन आकाश कादियान ने करियर काउंसलर के रूप में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और योग्यता को समझते हुए बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रारंभ से ही अपने करियर की दिशा निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि तकनीकी शिक्षा के दौरान ही भविष्य के करियर को लेकर तैयारी शुरू करना किस तरह उपयोगी हो सकता है।
इसी क्रम में दीपक शर्मा ने अपने लगभग 13 वर्षों के औद्योगिक अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और हीरो मोटोकॉर्प जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों से जुड़े अपने अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योगों की कार्यप्रणाली, आवश्यक कौशल, अनुशासन और रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी दी।
दीपक शर्मा ने विद्यार्थियों को बताया कि तकनीकी ज्ञान के साथ समस्या समाधान क्षमता, टीमवर्क, प्रभावी संचार कौशल और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति भी औद्योगिक क्षेत्र में सफलता के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक कौशल में बदलने पर जोर दिया।
शुरुआती वर्षों से लक्ष्य तय करने की दी सलाह
कार्यक्रम का सफल संचालन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. कुलवंत सिंह खरब के संयोजन में किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए शिक्षा के शुरुआती वर्षों से ही लक्ष्य निर्धारित करने और प्राप्त ज्ञान को व्यावहारिक कौशल में बदलने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. कुलवंत सिंह खरब ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर निकलकर उद्योग और करियर की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने का अवसर देते हैं। विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के संवाद उन्हें भविष्य की तैयारी को बेहतर तरीके से समझने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञों को स्मृति-चिह्न देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के समापन पर दोनों विशेषज्ञों को संस्थान की ओर से स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रवीण कुमार तथा डॉ. जगबीर कादियान सहित संस्थान के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
CRSSIET में आयोजित इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति से परिचित कराने के साथ-साथ शिक्षा, कौशल विकास, करियर निर्माण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े व्यापक अवसरों की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि तकनीकी शिक्षा के साथ रचनात्मक सोच, अनुशासन, व्यावहारिक ज्ञान और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करना उनके भविष्य के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
Akhil Mahajan