हरियाणा कांग्रेस में कलह : नेताओं के सामने भिड़े गुट; हाथ जोड़कर शांत कराते दिखे कार्यकर्ता

जींद में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक में उचाना क्षेत्र को लेकर विवाद बढ़ गया। संदीप वर्मा और बीरेंद्र सिंह समर्थक आमने-सामने आए, VIDEO सामने आया।

हरियाणा कांग्रेस में कलह : नेताओं के सामने भिड़े गुट;  हाथ जोड़कर शांत कराते दिखे कार्यकर्ता

उचाना की बैठक में संदीप वर्मा की टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद
बीरेंद्र सिंह समर्थकों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नारेबाजी व हाथापाई
VIDEO में कुर्सी पर खड़े होकर हाथ जोड़कर मामला शांत कराते दिखे नेता


हरियाणा के जींद में कांग्रेस की संगठनात्मक संवाद बैठक के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब उचाना विधानसभा क्षेत्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक में युवा कांग्रेस प्रधान संदीप वर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के समर्थक आमने-सामने आ गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और प्रदेश कमेटी प्रभारी संजय दत्त की मौजूदगी में हुई बैठक में दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और हाथापाई की स्थिति बन गई। हंगामे के बीच कई कार्यकर्ता अपनी कुर्सियों से उठ गए। मंच पर बैठे नेताओं ने किसी तरह कार्यकर्ताओं को शांत कराने का प्रयास किया।

जींद की जाट धर्मशाला में मंगलवार को कांग्रेस की संगठनात्मक मीटिंग आयोजित की गई थी। इसकी अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी संजय दत्त और प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह कर रहे थे। बैठक में दोनों नेताओं ने सबसे पहले जींद, जुलाना, नरवाना और सफीदों विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इसके बाद जब उचाना विधानसभा क्षेत्र की बैठक शुरू हुई तो माहौल अचानक बदल गया।

उचाना की बैठक में इस टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद

बताया गया कि बैठक के दौरान युवा कांग्रेस प्रधान संदीप वर्मा ने कहा, "राजघराने को अब रेस्ट दो व युवाओं को मौका दो।" यह बात सामने आते ही पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह के समर्थक भड़क गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता चला गया और बैठक में नारेबाजी शुरू हो गई।

चर्चा यह भी है कि बैठक में एक कार्यकर्ता ने यहां तक कह दिया कि उचाना सीट ने ही कांग्रेस के समीकरण बिगाड़े हैं। इसके बाद हंगामा और तेज हो गया। कार्यकर्ता अपनी जगह से उठकर नारे लगाने लगे। स्थिति को देखते हुए मंच पर मौजूद नेताओं ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की।

हंगामे के बीच मीटिंग हॉल का माहौल काफी तनावपूर्ण नजर आया। कुछ कार्यकर्ता बाहर की ओर निकल गए, जबकि कुछ दोबारा अंदर जाने की कोशिश करते दिखाई दिए। मीटिंग हॉल के बाहर भी काफी गहमागहमी रही।

बीरेंद्र सिंह ने कहा- औछी बात करना गलत

विवाद के दौरान बीरेंद्र सिंह ने कहा कि अगर कोई औछी बात करेगा तो उस पर कई लोग भड़क सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई विरोध करना है तो करो, लेकिन औछी बात करना गलत है।

इस बीच सामने आए वीडियो ने बैठक में हुए हंगामे की तस्वीर और स्पष्ट कर दी है। वीडियो में एक नेता कुर्सी पर खड़े होकर हाथ जोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं और कार्यकर्ताओं से मामला शांत करने की अपील करते नजर आ रहे हैं।

सामने आए दो वीडियो, हॉल के अंदर और बाहर दिखा हंगामा

मीटिंग से जुड़े दो वीडियो सामने आए हैं। दोनों वीडियो करीब 8-8 सेकेंड के हैं।

पहले वीडियो में मीटिंग हॉल के अंदर मौजूद सभी कार्यकर्ता अपनी कुर्सियों से खड़े होते दिखाई दे रहे हैं। एक कार्यकर्ता कुर्सी पर खड़े होकर हाथ जोड़ता नजर आ रहा है। हंगामे के दौरान मंच पर भी कोई नेता बैठा हुआ नजर नहीं आ रहा है। इसी दौरान एक कार्यकर्ता दोनों हाथ उठाकर तेजी से बाहर की ओर आता दिखाई देता है।

दूसरे 8 सेकेंड के वीडियो में कुछ कार्यकर्ता मीटिंग हॉल से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ कार्यकर्ता दोबारा अंदर जाने का प्रयास करते नजर आते हैं। गेट पर 2-3 लोग खड़े दिखाई दे रहे हैं। मीटिंग हॉल के अंदर से कुछ आवाजें भी सुनाई दे रही हैं।

राव नरेंद्र सिंह बोले- ऊंची आवाज में बातें हो सकती हैं

बैठक में हुए घटनाक्रम को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि ऊंची आवाज में बातें हो सकती हैं, लेकिन हंगामे जैसी कोई बात नहीं है। उनका कहना है कि बैठक में बातचीत के दौरान आवाज ऊंची हो सकती है।

वहीं, बैठक में मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हुए घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है।

प्रदेश के 14 जिलों में हो चुके संवाद कार्यक्रम

प्रदेश प्रभारी संजय दत्त ने कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ संवाद का यह कार्यक्रम उनकी सोच का हिस्सा है। अब तक प्रदेश के 14 जिलों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं और अभियान फिलहाल चौथे चरण में चल रहा है।

उन्होंने बताया कि आने वाले समय में हरियाणा के सभी 180 ब्लॉकों में कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करना और संगठन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना है।

मीटिंग में कई बड़े नेता रहे मौजूद

जींद में आयोजित इस संगठनात्मक बैठक में पूर्व मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, विधायक विनेश फोगाट, पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह, जींद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ऋषिपाल और पूर्व विधायक सुभाष मौजूद रहे।

बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच संगठनात्मक संवाद चल रहा था, लेकिन उचाना विधानसभा क्षेत्र की बैठक में हुए विवाद ने पूरे कार्यक्रम को चर्चा में ला दिया। एक तरफ जहां प्रदेश नेतृत्व संगठनात्मक संवाद के जरिए कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत कर रहा है, वहीं बैठक के दौरान सामने आए इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर गुटों के बीच मतभेदों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।