Video: 30 बच्चों की जान बचाकर खुद शहीद हो गया ‘काली’, जहरीले सांप से लड़ते हुए कुत्ते की मौत, पूरे गांव ने बहाए आंसू
काली नाम के कुत्ते ने जहरीले सांप से लड़कर 30 बच्चों की जान बचाई, लेकिन खुद जहर का शिकार होकर मौत हो गई।
➤ जहरीले सांप से भिड़कर कुत्ते ‘काली’ ने 30 बच्चों की जान बचाई
➤ सांप को मार गिराया लेकिन खुद जहर का शिकार होकर मौत
➤ गांव में शोक, लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई
वफादारी और बहादुरी की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। यहां ‘काली’ नाम के एक कुत्ते ने अपनी जान की परवाह किए बिना 30 मासूम बच्चों की जान बचा ली, लेकिन खुद इस संघर्ष में अपनी जिंदगी गंवा बैठा।
जानकारी के अनुसार, गांव के श्री जगन्नाथ शिशु विद्या मंदिर के बाहर करीब 30 से ज्यादा छोटे बच्चे बैठे हुए थे। इसी दौरान एक जहरीला सांप उनकी ओर बढ़ने लगा। बच्चे खतरे से पूरी तरह अनजान थे। तभी वहां मौजूद काली ने खतरे को भांप लिया और तुरंत बच्चों की सुरक्षा के लिए आगे आ गया।
A stray dog named Kali in Mayurbhanj, Odisha, heroically fought & k!lled a venomous snake to save 30 kindergarten kids. Bitten repeatedly, she d!ed from the venom. Villagers gave her a heartfelt funeral procession with flowers & white cloth🥹 pic.twitter.com/EEmBxmNJih — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) April 22, 2026
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, काली और सांप के बीच काफी देर तक भिड़ंत चली। काली ने पूरी ताकत से सांप का सामना किया और आखिरकार उसे मार गिराया। हालांकि इस दौरान सांप ने कई बार काली को डस लिया, जिससे उसके शरीर में जहर फैल गया और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
जैसे ही गांव वालों को इस घटना का पता चला, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जिस कुत्ते ने बच्चों की जान बचाई, उसकी मौत ने हर किसी को रुला दिया। ग्रामीणों ने काली के इस बलिदान को सम्मान देते हुए उसका विधिवत अंतिम संस्कार किया।
सोशल मीडिया पर यह घटना तेजी से वायरल हो रही है। लोग काली की वफादारी और बहादुरी को सलाम कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग इस बात पर नाराजगी भी जता रहे हैं कि अगर समय रहते मदद मिलती, तो शायद काली को बचाया जा सकता था।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि वफादारी और साहस की मिसाल सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं, बल्कि जानवर भी अपने प्रेम और जिम्मेदारी को निभाने में किसी से कम नहीं होते। यह मामला ओडिशा के मयूरभंज जिले के उदला ब्लॉक के धिरकुल गांव का है।
Akhil Mahajan