किसानों को राहत, ट्रैक्टर और खेती उपकरण सस्ते—हरियाणा तैयार!

नई जीएसटी दरों से गाड़ियां और ट्रैक्टर 1 लाख तक सस्ते होंगे। हरियाणा के किसानों और ऑटो हब गुरुग्राम-मानेसर को इससे सीधा फायदा मिलेगा। नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी।

किसानों को राहत, ट्रैक्टर और खेती उपकरण सस्ते—हरियाणा तैयार!

नए GST स्लैब से गाड़ियां, कारें और ट्रैक्टर 1 लाख तक सस्ते होंगे
किसानों को बड़ा फायदा—खेती के उपकरण और ट्रैक्टर होंगे सस्ते
हरियाणा के ऑटो हब और ग्रामीण खरीदारों को मिलेगा सीधा लाभ


GST काउंसिल के फैसले से अब पूरे देश में गाड़ियों और कृषि उपकरणों की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। खास तौर पर हरियाणा जैसे राज्यों के लिए यह फैसला बेहद अहम है।

हरियाणा न सिर्फ ऑटोमोबाइल हब है बल्कि यहां बड़ी संख्या में किसान भी रहते हैं। गुरुग्राम, मानेसर, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे शहरों में मारुति, हुंडई, होंडा और कई ऑटो पार्ट्स कंपनियों के प्लांट हैं। जीएसटी दर घटने से इन कंपनियों की बिक्री बढ़ेगी और रोजगार के नए मौके भी खुलेंगे।

वहीं, हरियाणा के किसानों के लिए यह कदम राहत लेकर आया है। अब ट्रैक्टर, खेती-बागवानी मशीनें और उर्वरक सस्ते होंगे। इससे खेती की लागत कम होगी और पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पहले जहां ट्रैक्टर और कारों पर 28% टैक्स देना पड़ता था, अब यह 18% हो गया है। उदाहरण के लिए, 8 लाख की कार पर पहले टैक्स मिलाकर कीमत लगभग 10.24 लाख रुपये होती थी। नई दरों के हिसाब से यही कार 9.44 लाख रुपये में मिलेगी। यानी सीधा 80,000 रुपये का फायदा।

हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में जहां त्योहारी सीजन पर गाड़ियों और ट्रैक्टरों की खरीदारी होती है, वहां इस बार मांग और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा जैसे राज्य, जहां कृषि और उद्योग दोनों मजबूत हैं, नए जीएसटी ढांचे से दोगुना फायदा उठाएंगे।