42 डिग्री गर्मी में प्लास्टर लगी टांग के साथ सड़क पर लगवाई घिस्सियां
यमुनानगर फायरिंग केस में गिरफ्तार आरोपी अमन से पुलिस ने 42 डिग्री गर्मी में निशानदेही कराई। जांच में सोशल मीडिया और गैंग कनेक्शन के बड़े खुलासे हुए।
• यमुनानगर फायरिंग केस में घायल आरोपी से पुलिस ने कराई निशानदेही
• 42 डिग्री गर्मी में प्लास्टर लगी टांग के साथ सड़क पर लगवाई घिस्सियां
• 60 हजार रुपए के लालच में सोशल मीडिया के जरिए बना शूटर
हरियाणा के यमुनानगर जिले में पूर्व सरपंच ऋषिपाल के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार हुआ आरोपी अमन अब अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुका है। बुधवार को पुलिस उसे निशानदेही के लिए गांव फरीदपुर मोड़ के पास लेकर पहुंची, जहां तेज धूप और तपती सड़क के बीच आरोपी को घिस्सियां लगवाते हुए वारदात से जुड़े स्थानों की जानकारी ली गई।
करीब 42 डिग्री तापमान में प्लास्टर चढ़ी टांग के बावजूद आरोपी सड़क पर घिसटता नजर आया। ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर लगभग 15 मीटर तक उसने करीब 35 घिस्सियां लगाईं। इस दौरान पुलिस टीम ने उससे मुठभेड़ वाली रात की घटनाओं और फायरिंग केस से जुड़े कई अहम सवाल पूछे। आरोपी ने मौके पर पूरी वारदात का घटनाक्रम दोहराया।
पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी अमन को इस वारदात के लिए 60 हजार रुपए का लालच दिया गया था। इसी लालच में उसने अपने गांव के दो अन्य युवकों को भी फायरिंग में शामिल कर लिया। जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया के जरिए गैंग से संपर्क साधा गया था। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर नोनी राणा गैंग से जुड़े लोगों ने इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवकों से बातचीत शुरू की और बाद में उन्हें पैसे का लालच देकर वारदात को अंजाम देने के निर्देश दिए।
यह पूरा मामला 5 मई को उस समय और गंभीर हो गया जब पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। सीआईए-2 टीम ने गांव कुलपुर के पास आरोपी अमन को पकड़ने की कोशिश की थी। आरोपी पल्सर बाइक पर सवार था और पुलिस को देखते ही भागने लगा। इस दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। दोनों ओर से करीब 10 से 15 राउंड फायरिंग हुई।
मुठभेड़ के दौरान एक गोली एसआई रोहन की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। वहीं पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी अमन के बाएं पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। उसके कब्जे से अवैध हथियार, दो जिंदा कारतूस और बाइक बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पानीपत जिले के गांव गोयल खुर्द निवासी अमन के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि वह गैंगस्टर काला राणा और नोनी राणा नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। डीएसपी रजत गुलिया के अनुसार शुरुआती जांच में आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि इस वारदात के पीछे एक बड़ा गैंग नेटवर्क सक्रिय है।
दरअसल, 25-26 अप्रैल की रात गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच ऋषिपाल के बंद पड़े मकान पर बदमाशों ने 16 से 17 राउंड फायरिंग की थी। गोलियों की आवाज सुनकर सामने रहने वाला ऋषिपाल का साला अंकित बाहर आया तो बदमाशों ने उसकी तरफ भी गोलियां चलाईं। हालांकि वह बाल-बाल बच गया। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी।
पुलिस अब इस मामले को गैंगवार, रंगदारी और आर्थिक विवादों से जोड़कर जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व सरपंच ऋषिपाल खुद भी पहले से एक बड़े ठगी मामले में फरार चल रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शूटरों को हथियार किसने उपलब्ध करवाए, रेकी किसने की और पूरे ऑपरेशन को कौन चला रहा था।
सीआईए-2 इंचार्ज राकेश ने बताया कि इस केस में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी अमन से पूछताछ में गैंग नेटवर्क से जुड़े कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
pooja