जाट समुदाय मुखर: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के खिलाफ पूर्व मंत्री संपत सिंह ने दी पुलिस शिकायत, FIR दर्ज करने की मांग
हरियाणा में अर्चना गुप्ता के कथित बयान पर विवाद, संपत सिंह ने हिसार SP को शिकायत देकर BNS धाराओं में FIR की मांग की
➤ संपत सिंह ने हिसार SP को शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग की
➤ जाट समुदाय पर कथित टिप्पणी को लेकर BNS की धाराओं में कार्रवाई की मांग
➤ प्रेस कॉन्फ्रेंस और वीडियो साक्ष्यों वाली पेन ड्राइव भी पुलिस को सौंपी
हिसार: हरियाणा की राजनीति में एक बयान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हरियाणा सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और इनेलो (INLD) के राष्ट्रीय संरक्षक प्रोफेसर संपत सिंह ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के खिलाफ हिसार पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। संपत सिंह ने आरोप लगाया है कि 11 अगस्त 2026 को पानीपत में आयोजित भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जाट समुदाय को लेकर कथित तौर पर ऐसी टिप्पणी की गई, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने और जाट व गैर-जाट समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ने की स्थिति पैदा हो सकती है।
प्रो. संपत सिंह की ओर से दी गई शिकायत में BNS की धारा 196, 197 और 356(3), (4) के तहत मामला दर्ज करने का आग्रह किया गया है। शिकायत के साथ संबंधित प्रेस कॉन्फ्रेंस और वीडियो साक्ष्यों वाली एक पेन ड्राइव भी पुलिस को सौंपे जाने की बात कही गई है।
शिकायत के अनुसार, 11 अगस्त 2026 को पानीपत में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. अर्चना गुप्ता ने सार्वजनिक रूप से जाट समुदाय से संबंधित टिप्पणी की थी। संपत सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि जाट समुदाय को नीचा दिखाने और बदनाम करने के उद्देश्य से उसे ‘विशेष वर्ग/Special Category’ के रूप में संबोधित किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस संदर्भ को पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय ओम प्रकाश चौटाला और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के शासनकाल से जोड़ते हुए यह कहा गया कि उनके शासनकाल में केवल उनके बच्चों और रिश्तेदारों को ही नौकरियां मिलती थीं।
प्रो. संपत सिंह ने आरोप लगाया है कि बयान के दौरान संबंधित समुदाय के व्यक्तियों के लिए ‘लुटेरा, बिचौलिया और दलाल’ जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि इस तरह की टिप्पणी किसी समुदाय के प्रति अपमान की भावना पैदा करने के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर तनाव और वैमनस्य को बढ़ावा दे सकती है।
शिकायत में जाट समुदाय की आबादी का उल्लेख करते हुए संपत सिंह ने कहा है कि हरियाणा की आबादी में जाट समुदाय की 22 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऐसे में किसी बड़े सामाजिक समुदाय को लेकर कथित रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने से जाट और गैर-जाट समुदायों के बीच दुर्भावना तथा शत्रुता बढ़ने का खतरा है।
पूर्व मंत्री ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की शिकायत के आधार पर कानूनी जांच करने और संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़े वीडियो साक्ष्य भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं।
अब इस शिकायत के बाद मामले में पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध कराए गए वीडियो साक्ष्यों की जांच के बाद ही आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
Akhil Mahajan