हरियाणा CM की पहल से खत्म हुआ उत्तराखंड-पंजाब निहंग विवाद, आज रिहा होंगे चारों आरोपी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल से उत्तराखंड-पंजाब निहंग विवाद सुलझ गया। चारों गिरफ्तार निहंगों को जमानत मिलने के बाद आज रिहा किए जाने की तैयारी है।

हरियाणा CM की पहल से खत्म हुआ उत्तराखंड-पंजाब निहंग विवाद, आज रिहा होंगे चारों आरोपी

CM नायब सैनी की पहल से उत्तराखंड-पंजाब निहंग विवाद का निकला समाधान

पॉलिटिकल एडवाइजर तरुण भंडारी ने उत्तराखंड में अधिकारियों और निहंगों से की बातचीत

मारपीट मामले में गिरफ्तार चारों निहंगों को जमानत, आज होगी रिहाई


हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल से उत्तराखंड प्रशासन और पंजाब के निहंगों के बीच पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद सुलझ गया है। शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री आवास पर निहंगों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के बाद समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनके पॉलिटिकल एडवाइजर तरुण भंडारी को उत्तराखंड सरकार और निहंग प्रतिनिधियों से बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी गई।

शनिवार को तरुण भंडारी उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों और निहंग प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बातचीत के बाद सहमति बनी कि मारपीट के मामले में गिरफ्तार चारों निहंगों को जमानत पर रिहा किया जाएगा। देर रात तक उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात कही गई।

यह विवाद 16 जून को उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में शुरू हुआ था। हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंगों की बाइक एक कार से टकरा गई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और मामला हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि इस दौरान धारदार हथियारों से हमला हुआ, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल हुए।

घटना के बाद पुलिस ने मोहाली निवासी जसनप्रीत सिंह, अजय सिंह, मनप्रीत सिंह और एसएएस नगर निवासी सतविंदर सिंह को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया। बाद में घायल सिख श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर स्थानीय अज्ञात लोगों के खिलाफ भी काउंटर एफआईआर दर्ज की गई।

चारों निहंगों की गिरफ्तारी के विरोध में पंजाब से बड़ी संख्या में निहंग उत्तराखंड कूच के लिए रवाना हुए थे। हालांकि हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब और उत्तराखंड सीमा कुल्हाल पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान तनावपूर्ण स्थिति भी बनी रही।

विवाद बढ़ने के बाद निहंगों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की। इसके बाद मुख्यमंत्री की पहल पर दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित हुआ और समाधान का रास्ता निकला।

सीएम के पॉलिटिकल एडवाइजर तरुण भंडारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई बैठकों में सकारात्मक सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि चारों निहंगों को जमानत पर रिहा किया जाएगा और पूरे मामले में कानून के तहत आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।