Gangsters से निपटने के लिए सुनियोजित और बहु-स्तरीय रणनीति आई काम, विदेशों से मिल रही आपराधिक धमकियों में करीब 40 प्रतिशत की कमी: पुलिस महानिदेशक

हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि विदेशों से आने वाली आपराधिक धमकियों में 40% कमी आई है। अब तक 25 बदमाश डिपोर्ट किए गए हैं।

Gangsters से निपटने के लिए  सुनियोजित   और बहु-स्तरीय रणनीति आई काम, विदेशों से मिल रही आपराधिक धमकियों में करीब 40 प्रतिशत की कमी: पुलिस महानिदेशक
  • विदेशों से आने वाली आपराधिक धमकियों में 40 प्रतिशत की गिरावट
  • अब तक 25 बदमाश विदेशों से डिपोर्ट, बाकी पर भी शिकंजा
  • AI के दुरुपयोग से निपटने को हरियाणा पुलिस की नई तकनीकी तैयारी


क्या विदेश में बैठकर अपराध फैलाने वालों का खेल अब खत्म होने वाला है। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने साफ संकेत दे दिए हैं कि राज्य पुलिस की नई और सख्त रणनीति ने अपराधियों की कमर तोड़ दी है। डीजीपी ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल विदेशों से मिल रही आपराधिक धमकियों में करीब 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिसे पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने विदेशों में बैठे बदमाशों के खिलाफ सुनियोजित और बहु-स्तरीय रणनीति अपनाई है। इसी का नतीजा है कि अब तक 25 बदमाशों को विदेशों से डिपोर्ट करवाया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो अपराधी अभी भी विदेश में बैठकर हरियाणा में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें भी संबंधित देशों की एजेंसियों के सहयोग से भारत लाया जाएगा

डीजीपी ने दो टूक कहा कि अपराधी चाहे देश में हों या विदेश में, कानून से कोई भी नहीं बच सकता। हरियाणा पुलिस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समन्वय बढ़ा रही है ताकि अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से तोड़ा जा सके।

भविष्य की चुनौतियों पर बात करते हुए डीजीपी ने माना कि नई टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बन सकती है। बदमाश तकनीक का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन हरियाणा पुलिस भी खुद को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत कर रही है ताकि अपराधियों से हमेशा एक कदम आगे रहा जा सके।

अपने संबोधन में डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि “पुलिस की कोई जाति नहीं होती, पुलिस की एक ही जाति होती है—खाकी।” उन्होंने प्रदेश के युवाओं से अपील की कि वे अपराधियों के बहकावे में न आएं, क्योंकि अपराध का रास्ता सीधे जेल की ओर जाता है और इससे न भविष्य बनता है, न समाज में सम्मान मिलता है।

डीजीपी ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को खुद को बिना वर्दी का पुलिसकर्मी समझना चाहिए। पुलिस को सूचना और सहयोग देकर अपराध को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

इसी क्रम में डीजीपी अजय सिंघल ने जिले की पुलिस, सामाजिक संस्थाओं और व्यापारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और आपसी समन्वय पर विस्तृत चर्चा की और सभी से अपराध के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।