बच्चों की स्कूल फीस से लेकर महंगी गाड़ियों तक, हरियाणा सरकार अब एआई से नापेगी आपकी हैसियत

हरियाणा में एआई आधारित फैमिली आईडी-2.0 तैयार की गई है। अब एआई तकनीक से पूरे परिवार की कुल वर्थ वैल्यू ट्रैक होगी, जिससे जानकारी छुपाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोग पकड़े जाएंगे।

बच्चों की स्कूल फीस से लेकर महंगी गाड़ियों तक, हरियाणा सरकार अब एआई से नापेगी आपकी हैसियत
  • हरियाणा में एआई आधारित फैमिली आईडी-2.0 तैयार, पूरे परिवार की वर्थ वैल्यू एक जगह दिखेगी

  • बच्चों की स्कूल फीस, मोबाइल नंबर, वाहन और प्रॉपर्टी से वास्तविक आमदनी का चलेगा पता

  • जानकारी छुपाकर सरकारी योजनाओं का गलत लाभ उठाने वाले अपात्र लोग अब सीधे फसेंगे


हरियाणा में परिवार पहचान पत्र यानी फैमिली आईडी को लेकर सरकार एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। प्रदेश में अब फैमिली आईडी-2.0 को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और उन्नत डेटा एनालिटिक्स तकनीक से लैस है। इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद अब कोई भी व्यक्ति अपनी वास्तविक आय को छुपा नहीं सकेगा। नए एआई सिस्टम के जरिए अब परिवार के केवल कामकाजी सदस्यों की आय ही नहीं, बल्कि पूरे कुनबे की वर्थ वैल्यू एक ही जगह पर दिखाई देगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य उन लोगों पर नकेल कसना है जो अपनी मोटी कमाई को छुपाकर गरीब कल्याण योजनाओं का गलत तरीके से लाभ उठा रहे हैं।

इस नए तकनीकी अपग्रेड के तहत अब चालाकी करना नामुमकिन हो जाएगा क्योंकि फैमिली आईडी को नागरिक के आधार कार्ड से जुड़ी सभी वित्तीय और भौतिक संपत्तियों से सीधे लिंक किया जा रहा है। एआई तकनीक की मदद से अब परिवार के बच्चों की प्राइवेट स्कूल फीस, बैंक खातों में होने वाले बड़े वित्तीय लेन-देन, आधार से पंजीकृत गाड़ियां और प्रॉपर्टी रजिस्ट्री का डेटा खुद-ब-खुद सिंक हो जाएगा। यदि कोई व्यक्ति खुद के नाम पर संपत्ति न रखकर दूसरों के दस्तावेजों का इस्तेमाल करता है, तो एआई उसके मोबाइल नंबर और खर्च के पैटर्न से इस फर्जीवाड़े को पकड़ लेगा। इस बड़े प्रशासनिक सुधार से प्रदेश के करीब 56 लाख परिवारों का डेटा सीधे प्रभावित होगा और अपात्र लोग सरकारी सूची से बाहर हो जाएंगे।


हरियाणा सरकार अपने परिवार पहचान पत्र (PPP) यानी फैमिली आईडी में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रही है, जिसे फैमिली आईडी-2.0 (Family ID 2.0) कहा जा रहा है।

इस नए सिस्टम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उन्नत डेटा एनालिटिक्स से जोड़ा गया है। इस खबर के मुख्य बिंदु और इसके प्रभाव नीचे दिए गए हैं:

1. पूरे परिवार की 'वर्थ वैल्यू' (कुल कमाई) एक जगह दिखेगी

अब तक लोग फैमिली आईडी में अपनी मर्जी से या सिर्फ कामकाजी सदस्यों की आय दर्ज करवाते थे। लेकिन AI बेस्ड इस नए सिस्टम में पूरे परिवार की 'वर्थ वैल्यू' (Net Worth) निकाली जाएगी।

  • इसका मतलब है कि परिवार का कुल खर्च, प्रॉपर्टी और अन्य वित्तीय स्रोत एक ही जगह पर ट्रैक हो सकेंगे।

  • बच्चों की स्कूल फीस से भी होगा आकलन: अगर किसी परिवार के बच्चे महंगे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे हैं, तो AI उनकी स्कूल फीस का आकलन करके परिवार की वास्तविक वित्तीय स्थिति और वर्थ वैल्यू का अंदाजा खुद लगा लेगा।

2. डेटा छुपाना क्यों नामुमकिन होगा?

सरकार इस नए अपग्रेड के तहत फैमिली आईडी को आधार कार्ड से जुड़ी सभी वित्तीय और भौतिक संपत्तियों (Assets) से सीधे लिंक कर रही है। AI तकनीक के जरिए निम्नलिखित डेटा ऑटोमैटिकली सिंक हो जाएगा:

  • बैंक अकाउंट्स और उनमें होने वाले बड़े लेन-देन।

  • आधार से लिंक वाहन (गाड़ियां/बाइक) जो परिवार के नाम पर पंजीकृत हैं।

  • प्रॉपर्टी (जमीन/मकान) की खरीद-फरोख्त का रिकॉर्ड।

  • आपके नाम पर चल रहे एक्टिव मोबाइल नंबर

पकड़े जाएंगे फर्जीवाड़ा करने वाले: कई लोग वास्तविक आय छुपाने के लिए दूसरों के आधार कार्ड या पैन कार्ड का इस्तेमाल करके अपने वाहन या बिजनेस चलाते हैं। AI ऐसे पैटर्न को आसानी से पकड़ लेगा।

3. गलत तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले फसेंगे

इस कदम का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद कागजों पर अपनी आय कम दिखाकर मुफ्त राशन (Ration Card), आयुष्मान भारत योजना, या अन्य सरकारी सब्सिडी और पेंशन योजनाओं का गलत लाभ उठा रहे हैं।

  • सरकार का उद्देश्य सिस्टम में पारदर्शिता लाना है ताकि अपात्र (Ineligible) लोगों को बाहर किया जा सके और योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।

  • सरकार के इस बड़े सुधार से प्रदेश के लगभग 56 लाख परिवारों पर सीधा असर पड़ेगा।

यदि आपको करेक्शन (सुधार) करना हो:

यदि फैमिली आईडी में कोई गलत जानकारी दर्ज हो गई है या आप खुद कोई बदलाव करना चाहते हैं, तो सरकार ने नागरिकों के लिए खुद की सिटीजन आईडी बनाने का विकल्प दिया है:

  • आप स्वयं meraparivar.haryana.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी 'सिटीजन आईडी' (Citizen ID) जनरेट कर सकते हैं।

  • वहां आधार नंबर और मोबाइल OTP के जरिए लॉगिन करके परिवार के सदस्यों का नाम जोड़ने, हटाने या किसी भी गलत डेटा को दुरुस्त (Correct) करने की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं।