हरियाणा IPS वाई पूरन कुमार केस में सीएम का बड़ा एक्शन ! जानें

हरियाणा IPS सुसाइड केस में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक DGP शत्रुजीत कपूर को जबरन छुट्टी पर भेजने और रोहतक SP को हटाने की तैयारी है। सीएम नायब सैनी ने IAS अमनीत को शाम 5 बजे तक का समय मांगा है।

हरियाणा IPS वाई पूरन कुमार  केस  में सीएम का बड़ा एक्शन !  जानें

➤ सीएम नायब सैनी ने IAS अमनीत से की एक घंटे मीटिंग

➤ सुसाइड नोट में नामजद अफसरों को सस्पेंड और गिरफ्तार करने की मांग

➤  पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार पर अब भी फैसला लंबित



हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार डीजीपी शत्रुजीत कपूर को जबरन छुट्टी पर भेजने और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया को हटाने की तैयारी में है। संभावना है कि सरकार की ओर से शाम तक आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गुरुवार को मृतक आईपीएस की पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार से मुलाकात की थी। यह मुलाकात दोपहर करीब 12:30 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-24 स्थित अमनीत के घर पर हुई। करीब एक घंटे तक सीएम और अमनीत के बीच बंद कमरे में बातचीत चली।

बैठक के दौरान आईएएस अमनीत कुमार ने मुख्यमंत्री को दो पन्नों की शिकायत सौंपी, जिसमें उन्होंने आईजी पूरन कुमार के सुसाइड नोट में दर्ज अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड करने, गिरफ्तार करने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने इस पर अमनीत से कहा कि “सरकार कार्रवाई करेगी, मुझे शाम 5 बजे तक का समय दें।” सीएम के साथ मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी मौजूद थे।
बताया जाता है कि आईजी पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में इन्हीं को आपबीती बताने का जिक्र किया था। सूत्रों के मुताबिक, सीएम सैनी ने जापान से लौटते ही एयरपोर्ट पर डीजीपी शत्रुजीत कपूर से मुलाकात कर मामले की रिपोर्ट मांगी थी। अब जब डीजीपी और रोहतक एसपी दोनों के नाम प्रत्यक्ष रूप से शिकायत में दर्ज हैं, तो सरकार दोनों अफसरों के खिलाफ तत्काल प्रशासनिक कदम उठाने की तैयारी कर रही है।

बता दें कि हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गुरुवार को आईएएस अमनीत पी. कुमार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। सीएम सैनी दोपहर करीब 12:30 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-24 स्थित अमनीत कुमार के आवास पहुंचे और करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक चली।

इस मुलाकात के दौरान आईएएस अमनीत पी. कुमार ने मुख्यमंत्री को दो पन्नों की लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें उन्होंने आईजी पूरन कुमार के सुसाइड नोट में दर्ज अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड करने, गिरफ्तार करने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की।

सीएम के साथ इस दौरान मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी मौजूद रहे। यह वही अधिकारी हैं, जिनका नाम पूरन कुमार ने सुसाइड नोट में इस रूप में लिखा था कि उन्होंने अपनी आपबीती इन्हें बताई थी।

सूत्रों के मुताबिक, सीएम नायब सैनी जापान दौरे से लौटते ही एयरपोर्ट पर हरियाणा डीजीपी शत्रुजीत कपूर से मिले, और आईपीएस सुसाइड मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी भी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो कार्रवाई तय है।

वहीं, मृतक आईपीएस अधिकारी का शव अब भी चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखा गया है। बुधवार को जापान से लौटी आईएएस अमनीत पी. कुमार ने पोस्टमॉर्टम के लिए सहमति नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी बड़ी बेटी अमेरिका से नहीं लौटती, तब तक पोस्टमॉर्टम नहीं कराया जाएगा। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, अमनीत ने साफ कहा है कि वह खुद पोस्टमॉर्टम के समय मौजूद रहेंगी और उसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

सीएम से पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और गृह सचिव सुमिता मिश्रा भी सेक्टर-24 स्थित अमनीत के आवास पर पहुंचे थे। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि सरकार मामले में पारदर्शी जांच सुनिश्चित करेगी। जानकारी के अनुसार, कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, मंत्री कृष्ण पंवार और कांग्रेस सांसद वरुण मुलाना के भी अमनीत से मिलने की संभावना है।

इससे पहले आईएएस अमनीत पी. कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 थाने में हरियाणा डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति वाई पूरन कुमार को जातिगत भेदभाव, सार्वजनिक अपमान और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। शिकायत में कहा गया कि वरिष्ठ अफसरों की प्रताड़ना और दबाव ने उनके पति को आत्महत्या के लिए मजबूर किया।

अमनीत ने अपने बयान में कहा —

“मेरे पति ने जातिगत अपमान और संस्थागत भेदभाव झेला। यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सिस्टम की प्रताड़ना का परिणाम है। मैं न्याय की लड़ाई अंत तक लड़ूंगी।”

उन्होंने पुलिस से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (पूर्व में 306) और SC/ST एक्ट 1989 के तहत एफआईआर दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।


इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। हरियाणा के प्रशासनिक ढांचे में आईएएस, आईपीएस और एचसीएस अफसर दो गुटों में बंटे दिख रहे हैं। एक वर्ग अमनीत के समर्थन में खुलकर सामने आया है, जबकि दूसरा पक्ष जांच प्रक्रिया को लेकर सतर्क है।

सरकार के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने गृह विभाग से कहा है कि सुसाइड नोट में दर्ज सभी अफसरों की भूमिका की निष्पक्ष जांच SIT के माध्यम से कराई जाएगी।