हिसार में 5.35 करोड़ की प्रॉपर्टी धोखाधड़ी, पहले बिके दो मकान फिर से बेचने का आरोप; तहसीलदार के परिवार से जुड़े 3 पर केस

हिसार में दो पहले से बिके मकानों को दोबारा बेचकर सीए से 5.35 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगा है। EOW जांच के बाद तीन लोगों पर केस दर्ज हुआ।

हिसार में 5.35 करोड़ की प्रॉपर्टी धोखाधड़ी, पहले बिके दो मकान फिर से बेचने का आरोप; तहसीलदार के परिवार से जुड़े 3 पर केस

सेक्टर-14 के दो मकान पहले बिके होने के बावजूद सीए से 5.35 करोड़ में सौदा करने का आरोप
पीड़ित ने जुलाई 2025 तक 5.26 करोड़ से अधिक रकम ट्रांसफर की, रजिस्ट्री के समय खुला राज
ईओडब्ल्यू जांच के बाद आजाद सिंह, अजीत सिंह और ज्योति पर धोखाधड़ी व षड्यंत्र का केस


हिसार के थाना शहर क्षेत्र में प्रॉपर्टी से जुड़ी 5 करोड़ 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि सेक्टर-14 स्थित दो मकानों को पूरी तरह विवाद रहित बताकर सीए हिमांशु मित्तल के साथ 5.35 करोड़ रुपये में सौदा किया गया, जबकि दोनों मकान इससे पहले ही अन्य व्यक्तियों को बेचने का इकरारनामा किया जा चुका था। शिकायत और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच के आधार पर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

मामले में आजाद सिंह, अजीत सिंह और ज्योति को आरोपी बनाया गया है। अजीत सिंह की पत्नी ज्योति हैं, जबकि उनके पिता विजय सिंह तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं। शिकायत के मुताबिक मई 2025 में आजाद सिंह, अजीत सिंह, ज्योति और विजय सिंह ने हिमांशु मित्तल से संपर्क किया था। आरोपियों की ओर से सेक्टर-14 पार्ट-2 स्थित मकान नंबर 3162 और 3163 बेचने का प्रस्ताव रखा गया।

5.35 करोड़ में तय हुआ था दोनों मकानों का सौदा

शिकायत के अनुसार आरोपियों ने हिमांशु मित्तल को बताया कि दोनों मकानों पर किसी तरह का कोई विवाद या कानूनी अड़चन नहीं है। केवल बैंक का करीब 2 करोड़ रुपये का लोन लंबित बताया गया था।

इसके बाद 28 मई 2025 को दोनों मकानों का सौदा 5 करोड़ 35 लाख रुपये में तय हुआ। इसके बाद पीड़ित की ओर से एडवांस और बैंक लोन चुकता करने के नाम पर जुलाई 2025 तक कुल 5.26 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर कर दी गई।

सौदे के बाद हिमांशु मित्तल को मकानों का कब्जा और चाबियां भी मिल गईं। इसके बाद उन्होंने मकानों की रजिस्ट्री अपने नाम कराने के लिए आरोपियों पर दबाव बनाया, लेकिन आरोप है कि आरोपी रजिस्ट्री कराने को लेकर टालमटोल करने लगे।

कोर्ट के नोटिस से सामने आया पुराना इकरारनामा

रजिस्ट्री में देरी होने के बाद हिमांशु मित्तल ने कोर्ट में मामला दायर किया। इसी दौरान उन्हें कोर्ट से एक नोटिस मिला। इसी नोटिस के माध्यम से उन्हें पता चला कि जिन दोनों मकानों का सौदा उनके साथ किया गया था, उनके संबंध में पहले ही दूसरे लोगों के साथ इकरारनामा किया जा चुका था।

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने 10 सितंबर 2024 को ही अर्बन एस्टेट निवासी सुरेंदर और अनिल कुमार के साथ दोनों मकानों को लेकर इकरारनामा कर लिया था। इस सौदे में उनसे 50 लाख रुपये एडवांस भी लिए गए थे।

यानी जिस संपत्ति को मई 2025 में हिमांशु मित्तल को बेचने का सौदा किया गया, उसके संबंध में करीब आठ महीने पहले ही दूसरे पक्ष के साथ इकरारनामा किया जा चुका था। इसी बात का खुलासा कोर्ट से मिले नोटिस के बाद हुआ।

85 लाख रुपये से तीसरा मकान खरीदने का आरोप

मामले में एक और अहम बात जांच के दौरान सामने आई। शिकायत और जांच के मुताबिक हिमांशु मित्तल से ली गई रकम में से करीब 85 लाख रुपये का इस्तेमाल आरोपियों ने अपने तीसरे भाई अजय सिंह के नाम से सेक्टर-14 में एक अन्य मकान खरीदने के लिए किया।

यह मकान नंबर 40-C बताया गया है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच में इस लेन-देन को भी मामले से जोड़कर देखा गया।

EOW जांच के बाद दर्ज हुआ केस

मामले की जांच ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) की प्रभारी निरीक्षक निर्मला ने की। जांच में पाया गया कि आजाद सिंह, अजीत सिंह और ज्योति ने पहले से इकरारनामा होने के बावजूद हिमांशु मित्तल के साथ दोबारा इकरारनामा किया और उनसे 5.35 करोड़ रुपये लेने का आरोप है।

जांच के आधार पर थाना शहर पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है। धारा 318(4) धोखाधड़ी से संबंधित है, जबकि धारा 61(2) आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित है।

फिलहाल मामले में पुलिस की कार्रवाई जांच के आधार पर आगे बढ़ रही है। पूरा मामला पहले से किए गए इकरारनामे, बाद में हुए 5.35 करोड़ रुपये के सौदे और रकम के कथित इस्तेमाल के इर्द-गिर्द है।