फर्जी 8वीं के प्रमाणपत्र से जीता सरपंच का चुनाव! सोनीपत में कोमल बर्खास्त, जांच में दस्तावेज निकला जाली

सोनीपत के जागसी सूरा गांव की महिला सरपंच कोमल को कथित फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र मामले में जांच के बाद पद से बर्खास्त कर दिया गया।

फर्जी 8वीं के प्रमाणपत्र से जीता सरपंच का चुनाव! सोनीपत में कोमल बर्खास्त, जांच में दस्तावेज निकला जाली

जागसी सूरा गांव की महिला सरपंच कोमल पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र लगाने का आरोप, पद से बर्खास्त
उत्तर प्रदेश के बागपत के स्कूल का 8वीं पास प्रमाणपत्र सत्यापन में फर्जी पाया गया
जांच के बाद उपायुक्त ने पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की, सरपंच पद अब रिक्त


सोनीपत में पंचायत चुनाव से जुड़ा फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। गांव जागसी सूरा (काला काफ़ी) की महिला सरपंच कोमल को शैक्षणिक योग्यता का कथित फर्जी प्रमाणपत्र जमा कराने के मामले में पद से बर्खास्त कर दिया गया है। चुनाव के दौरान लगाए गए प्रमाणपत्र की शिकायत के बाद प्रशासन ने संबंधित दस्तावेज की जांच कराई। जांच में प्रमाणपत्र जाली पाए जाने के बाद सोनीपत उपायुक्त ने कार्रवाई का आदेश जारी किया। बर्खास्तगी के बाद गांव में सरपंच का पद आधिकारिक रूप से रिक्त हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोमल ने अनुसूचित जाति (SC) महिला वर्ग के लिए आरक्षित सरपंच पद पर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। पंचायत चुनाव में उम्मीदवार बनने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा 8वीं पास निर्धारित की गई है। नामांकन के दौरान कोमल की ओर से अपनी शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण के तौर पर उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांव गुना स्थित ‘भगवती इंटरनेशनल हाई स्कूल’ से जारी कक्षा 8वीं का पासिंग सर्टिफिकेट लगाया गया था।

चुनाव जीतने के बाद प्रमाणपत्र पर उठे सवाल

चुनाव संपन्न होने के बाद कोमल द्वारा जमा कराए गए शैक्षणिक प्रमाणपत्र की सत्यता को लेकर शिकायत की गई। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दस्तावेज का सत्यापन कराने की प्रक्रिया शुरू की।

प्रशासनिक स्तर पर प्रमाणपत्र को संबंधित स्कूल और शिक्षा विभाग के माध्यम से सत्यापित कराया गया। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान प्रमाणपत्र की वास्तविकता पर सवाल सही पाए गए और जांच में उसे फर्जी और जाली बताया गया।

प्रमाणपत्र के सत्यापन से जुड़ी रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद कोमल के सरपंच पद पर बने रहने को लेकर भी सवाल खड़े हो गए।

बागपत के स्कूल से जारी बताया गया था प्रमाणपत्र

नामांकन के दौरान कोमल ने जिस प्रमाणपत्र को अपनी 8वीं कक्षा की शैक्षणिक योग्यता के तौर पर लगाया था, वह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांव गुना स्थित भगवती इंटरनेशनल हाई स्कूल से जारी बताया गया था।

चुनाव के बाद शिकायतकर्ता की ओर से प्रमाणपत्र की सत्यता पर सवाल उठाए गए। इसके बाद जब संबंधित स्तर पर इसकी जांच कराई गई तो प्रमाणपत्र को वैध नहीं पाया गया। जांच में दस्तावेज के जाली होने की पुष्टि होने के बाद मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा।

SC महिला के लिए आरक्षित सीट से जीता था चुनाव

कोमल ने गांव जागसी सूरा में SC महिला के लिए आरक्षित सरपंच पद पर चुनाव लड़ा था। चुनाव प्रक्रिया के दौरान शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाणपत्र नामांकन के साथ जमा कराया गया था।

चुनाव जीतने के बाद वह गांव की सरपंच बनीं, लेकिन बाद में उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्र को लेकर शिकायत सामने आई। जांच में प्रमाणपत्र के फर्जी पाए जाने के बाद प्रशासन ने चुनाव के बाद हासिल किए गए पद पर भी कार्रवाई की।

जांच रिपोर्ट के बाद उपायुक्त ने लिया फैसला

मामले में प्रशासनिक जांच पूरी होने और दस्तावेज के जाली पाए जाने के बाद सोनीपत उपायुक्त ने बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। कार्रवाई हरियाणा पंचायती राज अधिनियम के तहत की गई।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद कोमल अब गांव की सरपंच नहीं हैं। इसके साथ ही सरपंच का पद रिक्त हो गया है। गांव के पंचायत स्तर के कामकाज और आगे की प्रक्रिया को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर अगला कदम तय किया जाएगा।

चुनाव जीतने के लिए लगाए दस्तावेज पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल उस शैक्षणिक प्रमाणपत्र को लेकर है, जिसे चुनाव के दौरान नामांकन प्रक्रिया में लगाया गया था। पंचायत चुनाव में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के लिए कोमल ने 8वीं कक्षा पास होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था।

बाद में उसी प्रमाणपत्र की सत्यता पर शिकायत हुई और सत्यापन कराया गया। जांच में दस्तावेज जाली पाए जाने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सरपंच पद से बर्खास्तगी की कार्रवाई की।

इस कार्रवाई के बाद गांव में पंचायत चुनाव से जुड़े दस्तावेजों और उम्मीदवारों की ओर से जमा कराए जाने वाले प्रमाणपत्रों की जांच को लेकर भी मामला चर्चा में आ गया है। फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जागसी सूरा गांव का सरपंच पद रिक्त हो गया है।