हरियाणा NCR में डीजल-पेट्रोल कॉमर्शियल वाहनों पर लगेगी रोक, 1 जनवरी से नियम लागू
हरियाणा NCR में 1 जनवरी 2026 से डीजल-पेट्रोल कॉमर्शियल वाहनों पर रोक लगेगी। डिलीवरी, टैक्सी और मोटर कैब को CNG या EV में बदलना अनिवार्य होगा।
➤ एनसीआर के चार जिलों में पेट्रोल-डीजल कॉमर्शियल वाहनों पर प्रतिबंध
➤ डिलीवरी, टैक्सी और मोटर कैब को CNG या EV में बदलना अनिवार्य
➤ स्विगी, जोमैटो, अमेज़न जैसी कंपनियों पर सीधा असर
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरियाणा के जिलों में डीजल और पेट्रोल से चलने वाले कॉमर्शियल वाहनों पर रोक लगाने की तैयारी कर ली गई है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 1 जनवरी 2026 से व्यवसायिक कार्यों में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड वाहनों की ही अनुमति दी जाएगी। इसके लिए संबंधित कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों को पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
यह निर्णय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के तहत लिया गया है। फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर और सोनीपत जिलों में मोटर कैब, टैक्सी, ई-कॉमर्स और डिलीवरी सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल-डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बाहर किया जाएगा। अब इन सेवाओं में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड ऑटो रिक्शा और वाहन ही शामिल किए जा सकेंगे।
नए नियम लागू होने के बाद किसी भी डिलीवरी कंपनी को पेट्रोल या डीजल से चलने वाली बाइक, स्कूटर, ऑटो या छोटे मालवाहक वाहनों का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। इसका सीधा असर स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट, अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों पर पड़ेगा। इन कंपनियों को अपनी पूरी डिलीवरी फ्लीट को सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना होगा।
हरियाणा परिवहन आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना में बताया गया है कि इस बदलाव के लिए हरियाणा मोटर वाहन नियम, 1993 के नियम 86-A में संशोधन किया गया है। इसके तहत पारंपरिक ईंधन से चलने वाले किसी भी नए दोपहिया और 3.5 टन तक के चारपहिया कॉमर्शियल वाहनों को बेड़े में शामिल करने पर रोक रहेगी।
सरकार ने इस संबंध में ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर आम जनता और प्रभावित पक्षों से सात दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इन पर परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा विचार किया जाएगा।
सोनीपत जिले में डीजल ऑटो रिक्शा को लेकर अलग से कार्रवाई की तैयारी की गई है। जिला परिवहन अधिकारी सुभाष चन्द्र ने बताया कि डीजल ऑटो को 31 दिसंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। 1 जनवरी 2026 से जिले में किसी भी डीजल ऑटो के संचालन की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
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