शिकायतों पर हरियाणा सरकार सख्त, अब नहीं रहेगी पेंडेंसी

हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र (PPP) से जुड़ी शिकायतों की पेंडेंसी खत्म करने के लिए नई मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की है। स्टेट कॉर्डिनेटर सतीश खोला इसकी निगरानी करेंगे और रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी।

शिकायतों पर हरियाणा सरकार सख्त, अब नहीं रहेगी पेंडेंसी

PPP शिकायतें अब लंबित नहीं रख सकेंगे अधिकारी
स्टेट कॉर्डिनेटर सतीश खोला करेंगे मॉनिटरिंग, रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को
मुख्यमंत्री के चीफ सेक्रेटरी ने सभी DC को दिए समयबद्ध समाधान के निर्देश



हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र (PPP) से जुड़ी शिकायतों को समय पर निपटाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब प्रदेश में अधिकारी PPP से संबंधित शिकायतों को लंबे समय तक पेंडिंग नहीं रख सकेंगे। सरकार ने इसके लिए नई मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू करते हुए स्टेट कॉर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला को शिकायतों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है, जिनकी रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी।

इस संबंध में मुख्यमंत्री के चीफ सेक्रेटरी अरुण गुप्ता ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों (DC) को आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि जिले में एडीसी और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी PPP से जुड़ी शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करें। इसके साथ ही अधिकारियों को स्टेट कॉर्डिनेटर के साथ समन्वय बनाकर काम करना होगा, ताकि शिकायतों की समीक्षा नियमित रूप से हो सके।

सरकार की नई व्यवस्था के तहत शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी अब हर स्तर पर तय की गई है। चंडीगढ़ सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक बैठे अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। यदि शिकायतकर्ता की ओर से आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा नहीं किए जाते हैं तो शिकायतकर्ता से भी जवाबदेही तय की जाएगी

फिलहाल PPP से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए 7 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। पहले जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होने के कारण कई शिकायतें लंबे समय तक लंबित रहती थीं। जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा जन्म तिथि से जुड़ी शिकायतें पेंडिंग हैं। प्रदेश में लगभग 42 हजार जन्मतिथि, 6 हजार वाहन, 3 हजार शिक्षा, 900 विवाह और 7 हजार अन्य मामलों से जुड़ी शिकायतें लंबित बताई जा रही हैं।

प्रदेश के हिसार, करनाल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, नूंह और भिवानी जैसे जिलों में PPP शिकायतों की संख्या अधिक पाई गई है। यहां तक कि मुख्यमंत्री का जिला कुरुक्षेत्र भी जन्मतिथि से जुड़ी पेंडेंसी के मामले में टॉप पांच जिलों में शामिल है।

सूत्रों के अनुसार अब तक कई बार ऐसा होता था कि एक ही व्यक्ति अपनी शिकायत अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर दर्ज करवा देता था, जिससे पेंडेंसी बढ़ जाती थी। नई मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू होने के बाद मल्टीपल शिकायतों पर नियंत्रण किया जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत CRID विभाग, एडीसी कार्यालय (नोडल अधिकारी) और तकनीकी विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाएगा, ताकि शिकायतों का समाधान तय समय में हो सके। इससे पहले जिला स्तर और चंडीगढ़ में बैठे अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी के कारण शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हो पाता था।

PPP के स्टेट कॉर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि मुख्यमंत्री के चीफ सेक्रेटरी द्वारा 5 मार्च को सभी जिला उपायुक्तों को आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का उद्देश्य है कि परिवार पहचान पत्र से संबंधित शिकायतों का तय समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए हर स्तर पर मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत किया गया है, जिससे आने वाले समय में पेंडेंसी में कमी आने की उम्मीद है।