हरियाणा में नदियां उफान पर, कई गांवों में घुसा पानी,कई जिलों में अलर्ट
पहाड़ों में बारिश के बाद हरियाणा की नदियां उफान पर हैं। कुरुक्षेत्र के कई गांवों में पानी भर गया है, जबकि पंचकूला में नदी-नालों के पास जाने पर 28 अगस्त तक धारा-163 लागू कर दी गई है।
पहाड़ों में बारिश के बाद हरियाणा की नदियां उफान पर, कई गांवों में घुसा पानी
कुरुक्षेत्र के कई गांव प्रभावित, स्कूल बस तक पानी में फंसी
पंचकूला में 28 अगस्त तक धारा-163 लागू, नदी-नालों के पास जाने पर रोक
हरियाणा में मैदानी इलाकों में मानसून की रफ्तार भले धीमी पड़ी हो, लेकिन हिमाचल और ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश की नदियों में साफ दिखाई देने लगा है। कई नदियां उफान पर हैं और कुरुक्षेत्र समेत कई जिलों में नदी का पानी गांवों, खेतों और सड़कों तक पहुंच गया है। हालात को देखते हुए पंचकूला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे जिले में धारा-163 लागू कर दी है।
मौसम विभाग ने शनिवार को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल में बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। वहीं हथिनीकुंड बैराज पर जलस्तर बढ़कर 50 हजार क्यूसेक से अधिक पहुंच गया है।
मारकंडा नदी का पानी गांवों में पहुंचा
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद क्षेत्र में मारकंडा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। शनिवार सुबह नदी में करीब 14,294 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। इससे कठवा, कलसाना, तंगोर और मोहनपुर गांव प्रभावित हुए।
सबसे अधिक असर कठवा गांव में देखने को मिला, जहां मुख्य सड़क पानी में डूब गई। गांव की ओर जाने वाले रास्तों और खेतों में पानी भर गया। हालात ऐसे रहे कि स्कूल बस के टायर तक पानी में डूब गए और लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। बाद में जलस्तर घटकर करीब 11,711 क्यूसेक रह गया।
पंचकूला में धारा-163 लागू
घग्गर, कौशल्या और टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पंचकूला प्रशासन ने एहतियातन पूरे जिले में बीएनएसएस की धारा-163 लागू कर दी है।
प्रशासन के आदेश के अनुसार 28 अगस्त 2026 तक किसी भी व्यक्ति के नदी, नालों और जलधाराओं के किनारे जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हथिनीकुंड बैराज पर बढ़ा जलस्तर
हथिनीकुंड बैराज पर पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा है। ऊपरी क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते जलस्तर 50 हजार क्यूसेक के पार पहुंच गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तापमान बढ़ेगा, उमस करेगी परेशान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कमजोर होने और हवाओं का रुख बदलने से वातावरण में नमी धीरे-धीरे कम होगी। इसके कारण आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान बढ़ सकता है और लोगों को उमस व गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन 2.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सबसे अधिक तापमान सिरसा में 38.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज पर 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
pooja