हरियाणा में चीनी की जमाखोरी पर शिकंजा, 4000 क्विंटल से ज्यादा स्टॉक पर होगी कार्रवाई

हरियाणा सरकार ने चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए 4000 क्विंटल स्टॉक सीमा तय की है। व्यापारियों को स्टॉक घोषित कर हर शुक्रवार पोर्टल पर अपडेट करना होगा।

हरियाणा में चीनी की जमाखोरी पर शिकंजा, 4000 क्विंटल से ज्यादा स्टॉक पर होगी कार्रवाई

व्यापारी अधिकतम 4000 क्विंटल यानी 400 टन चीनी रख सकेंगे
चीनी का स्टॉक प्राप्त होने की तारीख से 30 दिन से ज्यादा नहीं रखा जा सकेगा
स्टॉक की घोषणा और हर शुक्रवार पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य


राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच हरियाणा सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। प्रदेश में चीनी व्यापारियों के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा तय कर दी गई है। अब किसी भी व्यापारी को किसी भी स्थान या समय पर अधिकतम 4000 क्विंटल यानी 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य प्रदेश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और जमाखोरी पर रोक लगाना है।

नए नियम के तहत कोई भी व्यापारी चीनी का स्टॉक प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक नहीं रख पाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी करते हुए चीनी व्यापारियों के लिए नई स्टॉक सीमाएं तय की हैं।

सरकार की ओर से स्टॉक सीमा तय किए जाने के साथ ही व्यापारियों के लिए अपने मौजूदा स्टॉक से संबंधित जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। व्यापारियों को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा और अपने वर्तमान स्टॉक की घोषणा करनी होगी। यह प्रक्रिया तुरंत प्रभाव से लागू की गई है।

इसके अलावा व्यापारियों को अपने चीनी स्टॉक का विवरण नियमित रूप से अपडेट करना होगा। इसके लिए हर व्यापारी को हर शुक्रवार पोर्टल पर अपने स्टॉक की जानकारी अपडेट करनी होगी। इस व्यवस्था के जरिए सरकार चीनी के उपलब्ध स्टॉक पर नियमित निगरानी रखेगी और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि तय सीमा से अधिक चीनी का भंडारण न किया जाए।

चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बीच सरकार के इस कदम को जमाखोरी पर नियंत्रण की दिशा में अहम माना जा रहा है। स्टॉक सीमा और नियमित अपडेट की व्यवस्था से व्यापारियों के पास उपलब्ध चीनी के भंडार की जानकारी प्रशासन के पास बनी रहेगी।

नए प्रावधानों के अनुसार किसी भी व्यापारी के लिए 4000 क्विंटल यानी 400 टन की अधिकतम सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक रखना अनुमति के दायरे में नहीं होगा। साथ ही किसी स्टॉक को प्राप्त होने के बाद 30 दिनों से अधिक समय तक रखने की भी अनुमति नहीं होगी। सरकार ने व्यापारियों के लिए स्टॉक की घोषणा और साप्ताहिक अपडेट को अनिवार्य बनाकर व्यवस्था को और सख्त किया है।