हरियाणा में तबादला नीति में बड़ा बदलाव: अब 5 साल से ज्यादा एक जगह नहीं टिक पाएंगे कर्मचारी, सरकार ने जारी किए नए नियम

हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों की तबादला नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब सामान्य परिस्थितियों में कोई भी कर्मचारी 5 साल से ज्यादा एक स्टेशन पर तैनात नहीं रह सकेगा।

हरियाणा में तबादला नीति में बड़ा बदलाव: अब 5 साल से ज्यादा एक जगह नहीं टिक पाएंगे कर्मचारी, सरकार ने जारी किए नए नियम

➤ 28 साल पुराने तबादला नियमों में हरियाणा सरकार ने किया बड़ा बदलाव
➤ अब सिर्फ रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों को मिलेगी विशेष छूट
➤ मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को जारी किए निर्देश


हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के तबादलों को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए करीब 28 साल पुराने नियमों में अहम बदलाव कर दिया है। नई संशोधित नीति के अनुसार अब कोई भी कर्मचारी सामान्य परिस्थितियों में एक ही स्टेशन पर 5 साल से अधिक समय तक तैनात नहीं रह सकेगा।

सरकार की ओर से जारी नए निर्देशों के मुताबिक, केवल वही कर्मचारी एक स्टेशन पर 5 साल से ज्यादा कार्य कर सकेंगे, जो अगले एक वर्ष के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले हैं। हालांकि, ऐसे कर्मचारियों का भी जनहित में 20 किलोमीटर के दायरे के भीतर तबादला किया जा सकेगा।

राज्य सरकार का मानना है कि इस बदलाव से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों की व्यवस्था में सुधार होगा। इस फैसले को प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

यात्रा भत्ता और ज्वाइनिंग टाइम नहीं मिलेगा

नई नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 20 किलोमीटर की परिधि के भीतर किए गए तबादलों को हरियाणा सिविल सेवा नियम 2016 के तहत नियमित ट्रांसफर नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में कर्मचारियों को यात्रा भत्ता (TA), दैनिक भत्ता (DA) और ज्वाइनिंग टाइम जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी।

सरकार का कहना है कि इस कदम से अनावश्यक खर्चों में कमी आएगी और विभागीय कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।

मुख्य सचिव ने जारी किए आदेश

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों, निगमों, प्राधिकरणों के प्रबंध निदेशकों और सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी विभागों को नई तबादला नीति का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

कर्मचारियों पर क्या पड़ेगा असर?

नई नीति लागू होने के बाद अब लंबे समय से एक ही जिले या स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारियों के तबादले तेज हो सकते हैं। इससे विभागों में नई कार्य संस्कृति विकसित होने और स्थानीय स्तर पर बनने वाले प्रभाव को कम करने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, कर्मचारियों के बीच इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ कर्मचारी इसे पारदर्शिता की दिशा में सही कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे परिवार और बच्चों की पढ़ाई पर असर डालने वाला फैसला बता रहे हैं।