3 दिन बाद बरसेंगे बादल! हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ देगा दस्तक, किसान रहें अलर्ट
हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से 3 दिन बाद हल्की बारिश के आसार हैं। 7 से अधिक जिलों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। किसानों को नमी प्रबंधन और हल्की सिंचाई की सलाह दी गई है।
➤ 3 दिन बाद हल्की बारिश के आसार
➤ 7–8 जिलों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री से ऊपर
➤ रबी फसलों के लिए नमी प्रबंधन की सलाह
हरियाणा में फरवरी के दूसरे सप्ताह के साथ ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच अब तीन दिन बाद मौसम में आंशिक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। आईएमडी (India Meteorological Department) के अनुसार राज्य में सक्रिय हो रहा पश्चिमी विक्षोभ 17 फरवरी के आसपास असर दिखा सकता है, जिससे कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां संभव हैं। हालांकि व्यापक वर्षा की संभावना से इनकार किया गया है और अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क ही बना रहेगा।
पिछले दो दिनों से अधिकतम तापमान में हल्का ठहराव जरूर देखा गया है, लेकिन पारा 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। औसत अधिकतम तापमान में बीते दिन की तुलना में 0.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है और यह सामान्य से लगभग 1.9 डिग्री अधिक बना हुआ है। राज्य के कई जिलों में दोपहर के समय हल्की गर्माहट महसूस की जा रही है, खासकर हिसार, नूंह और भिवानी जैसे इलाकों में।
इन जिलों में सबसे ज्यादा तापमान
हरियाणा के 7 से 8 जिलों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। फरीदाबाद में राज्य का सर्वाधिक तापमान 26.8°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा भिवानी 26.6°C, नूंह 26.6°C, रोहतक 25.6°C, महेंद्रगढ़-नारनौल 25.5°C, हिसार 25.9°C और सोनीपत 25.4°C दर्ज किया गया। अन्य कई जिलों में तापमान 24 से 25 डिग्री के बीच रहा।
रबी फसलों पर असर की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान फिलहाल गेहूं के लिए अनुकूल बना हुआ है, लेकिन तापमान में क्रमिक वृद्धि जारी रहती है तो नमी प्रबंधन अहम हो जाएगा। शुष्क और हल्के गर्म मौसम का असर सरसों, सब्जियों और अन्य रबी फसलों पर पड़ सकता है।
किसानों और पशुपालकों को सलाह
विशेषज्ञों ने किसानों को हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है। अधिक सिंचाई से बचने को कहा गया है ताकि जड़ों में सड़न न हो। सब्जियों और फलदार पौधों में नमी संतुलन बनाए रखना जरूरी है। अगले 48 घंटों में तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन इसके बाद 2 से 3 डिग्री तक वृद्धि हो सकती है।
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि पशुओं को रात में खुले में न बांधें और उन्हें सूखा तथा गर्म बिछावन उपलब्ध कराएं ताकि दुग्ध उत्पादन और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
मौसम विभाग के अनुसार 17 फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा संभव है, जबकि बाकी दिनों में आसमान साफ रहने और शुष्क मौसम बने रहने का अनुमान है। ऐसे में आने वाले सप्ताह में मौसम की हर हलचल पर किसानों की नजर बनी रहेगी।
Akhil Mahajan