हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक, अगले तीन दिन झमाझम बारिश
हरियाणा में आज से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। 5 से 7 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना है। इस बार हरियाणा में सामान्य से 33% अधिक वर्षा दर्ज की गई। 8 अक्टूबर से हवाओं का रुख बदलेगा और तापमान में गिरावट आएगी।
➤ हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक आज से
➤ 5 से 7 अक्टूबर तक बारिश के आसार, तापमान में आएगी गिरावट
➤ इस बार सामान्य से 33% अधिक हुई वर्षा, फतेहाबाद में रिकॉर्ड बारिश
हरियाणा सहित पूरे उत्तर भारत में आज यानी रविवार से पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इसका असर 7 अक्टूबर तक देखने को मिलेगा। 5 और 6 अक्टूबर को पूरे हरियाणा में तथा 7 अक्टूबर को अधिकांश जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 8 अक्टूबर से हवाओं की दिशा बदलकर उत्तर-पश्चिम हो जाएगी, जिससे मौसम में ठंडक घुलनी शुरू हो जाएगी।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार राज्य में सामान्य से 33% अधिक वर्षा हुई है। 1 जून से 30 सितंबर 2025 तक हरियाणा में कुल 568.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि औसत वर्षा 426 मिमी होती है। यानी इस साल मानसून ने हरियाणा पर विशेष मेहरबानी दिखाई।
मानसून का आगमन और वापसी
मानसून 24 जून को हरियाणा पहुंचा और 29 जून तक पूरे प्रदेश में फैल गया था। इसकी वापसी 24 सितंबर को पूरी तरह हो गई। इस बार किसी जिले में बारिश की कमी नहीं रही। 6 जिलों में सबसे अधिक वर्षा, 9 जिलों में अधिक वर्षा, और 7 जिलों में सामान्य वर्षा दर्ज की गई।
सबसे अधिक फतेहाबाद जिले में 118% अतिरिक्त बारिश (572.9 मिमी) दर्ज की गई, जबकि यमुनानगर में 1116.9 मिमी वर्षा हुई। यह आंकड़ा राज्य के औसत से काफी अधिक है। रिकॉर्ड के अनुसार, हरियाणा में अब तक सबसे ज्यादा मानसूनी बारिश वर्ष 1988 में हुई थी जब 1108.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, वहीं 1918 में सबसे कम यानी 196.2 मिमी बारिश हुई थी।
8 अक्टूबर से हवाओं का रुख बदलेगा
8 अक्टूबर से हवाएं पहाड़ों से मैदानों की ओर चलनी शुरू होंगी। इससे राज्य में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। फिलहाल हरियाणा का अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम तापमान 22°C के आसपास बना हुआ है।
IMD के अनुसार, बादल छाने से दिन का तापमान घटेगा, जबकि रात के तापमान में थोड़ी वृद्धि हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे सुबह और रात के समय ठंडक महसूस की जाएगी।
एचएयू, हिसार की रिपोर्ट में बताए गए कारण
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा में मौसम परिवर्तन के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं! इन मौसमी प्रणालियों के कारण नमी वाली हवाएं उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर बढ़ेंगी, जिससे 4 अक्टूबर की रात से मौसम में बदलाव शुरू होगा। इसके प्रभाव से 5 से 7 अक्टूबर के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
Akhil Mahajan