हिमाचल में मानसून की दस्तक, 2 से 4 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। 2 से 4 जुलाई तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और भूस्खलन की आशंका को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
- हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक, एक सप्ताह की देरी से हुई एंट्री
- 2 से 4 जुलाई तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
- भूस्खलन, बाढ़ और सड़कें बंद होने का खतरा, लोगों के लिए एडवाइजरी जारी
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार हिमाचल प्रदेश में दस्तक दे दी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के सात जिलों में मानसून सक्रिय हो चुका है। सामान्य तौर पर हिमाचल में मानसून 25 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस वर्ष इसकी एंट्री करीब एक सप्ताह की देरी से हुई है।
मौसम विभाग के मुताबिक किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, शिमला और मंडी के अधिकांश हिस्सों में मानसून पहुंच चुका है। वहीं कांगड़ा और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में भी मानसूनी गतिविधियां शुरू हो गई हैं। बुधवार सुबह से प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश का दौर जारी है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
2 से 4 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
2 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
3 जुलाई को ऊना, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
4 जुलाई को शिमला समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है।
भूस्खलन और बाढ़ का बढ़ा खतरा
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि नदी-नालों, खड्डों और छोटी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, सड़क मार्ग बाधित होने और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
विशेष रूप से कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर और सिरमौर जैसे संवेदनशील जिलों में यात्रियों और स्थानीय लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के साथ-साथ फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
मौसम केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
लोगों के लिए एडवाइजरी
खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और खड्डों के आसपास जाने से बचें।
अनावश्यक यात्रा न करें और सफर से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।
आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों में न रुकें।
ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखें
pooja