हिसार में ₹2.40 करोड़ की साइबर ठगी, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर फंसे जीजा-साले IPO में निवेश का झांसा
हिसार में शेयर ट्रेडिंग और IPO में निवेश के नाम पर जीजा-साले से ₹2.40 करोड़ की ठगी की गई। फर्जी ऐप के जरिए मुनाफा दिखाकर अकाउंट लॉक कर दिया गया।
■ हिसार में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ₹2.40 करोड़ की ठगी
■ जीजा-साले को IPO में निवेश का झांसा, फर्जी ऐप से बनाया शिकार
■ मुनाफा दिखाकर अकाउंट लॉक, साइबर थाने में केस दर्ज
हिसार में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर एक व्यापारी और उसके जीजा को ₹2 करोड़ 40 लाख 5 हजार की बड़ी ठगी का शिकार बना लिया। ठगों ने बेहद सुनियोजित तरीके से पहले भरोसा जीता, फिर फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश करवाया और आखिर में अकाउंट लॉक कर दिया। मामले ने जिले में साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
नागोरी गेट निवासी व्यापारी सन्नी बंसल, जो मिर्जापुर रोड पर स्टील पाइप की दुकान चलाते हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें “Trading Friends Club G7” और “Shark Club G7” नाम के वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इन ग्रुपों में लगातार शेयर ट्रेडिंग से भारी मुनाफे के स्क्रीनशॉट और मैसेज भेजे जाते थे, जिससे उनका भरोसा बन गया। इसके बाद उन्होंने अपने जीजा सतीश कुमार को भी इसमें शामिल कर लिया।
ठगों ने खुद को एक्सपर्ट बताते हुए उन्हें एक विदेशी ट्रेडिंग ऐप ‘Mark CM’ डाउनलोड करने का लिंक दिया, जिसे भारत और अमेरिका में लाइसेंस प्राप्त बताया गया। ऐप पर अकाउंट बनाने के बाद शुरुआती निवेश पर अच्छा मुनाफा दिखाया गया, जिससे दोनों को यकीन हो गया कि उनका पैसा सुरक्षित है और तेजी से बढ़ रहा है।
इसके बाद आरोपियों ने IPO में निवेश का झांसा दिया और CMPDI के नाम पर पैसा लगाने को कहा। अलग-अलग बैंक खातों के जरिए पैसे मंगवाए गए, जिनमें फेडरल बैंक और यस बैंक के खाते भी शामिल थे। सन्नी बंसल ने 12 मार्च से 30 मार्च के बीच करीब 43 लाख रुपए ट्रांसफर किए, जबकि उनके जीजा सतीश कुमार ने आरटीजीएस के जरिए करीब 1.97 करोड़ रुपए जमा कर दिए।
दोनों के खातों में ऐप पर लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता रहा, जिससे उनका भरोसा और मजबूत हो गया। लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो निकासी नहीं हो सकी। इसके बाद ठगों ने नए-नए बहाने बनाकर और पैसा जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया और अचानक अकाउंट में नुकसान दिखाने लगे।
संदेह होने पर दोनों को अहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर शिकायत दर्ज करवाई। प्राथमिक जांच में मामला सही पाए जाने पर साइबर क्राइम थाना हिसार में बीएनएस की धारा 318(4) और 61 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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