इंसानियत जिंदा है... मुंबई ट्रेन में मिले बेहोश मिले अमन को जान हरियाणा के युवक ने बचाई
हिसार के बरवाला निवासी नरेश कुम्भा ने ट्रेन में बेहोश मिले 16 वर्षीय अमन कुमार की मदद कर उसे RPF की सहायता से सुरक्षित परिवार से मिलवाया।
➤ हिसार के युवक ने ट्रेन में बेहोश बच्चे की मदद की
➤ RPF को सौंपकर सुरक्षित परिवार से मिलवाया
➤ तीन दिन से भूखा था बच्चा, पहले खाना खिलाया फिर पैसे दिए
हरियाणा के हिसार जिले के बरवाला निवासी नरेश कुम्भा ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। मुंबई से कोटा की यात्रा के दौरान उन्हें ट्रेन में एक 16 वर्षीय बच्चा बेहोशी की हालत में मिला। नरेश ने न सिर्फ उसकी जान बचाई, बल्कि उसे सुरक्षित उसके परिवार तक भी पहुंचाया।
नरेश कुम्भा ने बताया कि वह 24 मई 2026 को मुंबई से कोटा की यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान मुंबई से जयपुर जाने वाली ट्रेन में उनकी नजर एक बच्चे पर पड़ी, जो बेहद कमजोर और बेहोशी की हालत में था। बच्चे की हालत देखकर उन्होंने उससे बात करने की कोशिश की।
बच्चे ने अपना नाम अमन कुमार बताया। उसने बताया कि उसकी उम्र 16 साल है और उसके पिता का नाम राजेश कुमार है। अमन ने यह भी बताया कि वह मंडी आदमपुर का रहने वाला है। बच्चे को अपनी मां का मोबाइल नंबर याद था, जिसके बाद नरेश कुम्भा ने तुरंत उसके परिवार से संपर्क किया।
नरेश ने बताया कि बच्चा बेहद डरा हुआ था और बार-बार कह रहा था कि “किसी ने मुझे बहुत मारा है।” उसने यह भी बताया कि वह कई दिनों से भटक रहा था। गर्मी के इस मौसम में उसने करीब तीन दिन से ठीक से खाना तक नहीं खाया था।
नरेश कुम्भा ने सबसे पहले बच्चे को खाना खिलाया और उसकी हालत संभाली। इसके बाद उन्होंने उसे कोटा रेलवे स्टेशन पर उतारकर RPF पुलिस की मदद ली और पूरी रिपोर्ट दर्ज करवाई। बाद में बच्चे को पुलिस की निगरानी में सुरक्षित रखा गया और उसके माता-पिता को सूचना देकर बुलाया गया।
नरेश ने अपने दोस्त रमेश कुमार वर्मा निवासी मंडी आदमपुर से भी संपर्क किया, ताकि परिवार तक सही जानकारी पहुंच सके। कुछ ही समय बाद अमन के माता-पिता कोटा पहुंचे और अपने बेटे को सुरक्षित पाकर भावुक हो गए।
नरेश कुम्भा ने बच्चे को सिर्फ खाना ही नहीं खिलाया, बल्कि आगे की जरूरत के लिए कुछ रुपए भी दिए। उन्होंने कहा कि इंसानियत के नाते जहां भी मौका मिले, लोगों की मदद करनी चाहिए और वह आगे भी ऐसे जरूरतमंद लोगों की सेवा करते रहेंगे।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग नरेश कुम्भा की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि आज के समय में जहां लोग अक्सर मुंह मोड़ लेते हैं, वहीं नरेश जैसे लोग इंसानियत को जिंदा रखे हुए हैं।
Akhil Mahajan