अमेरिका-इजराइल हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत, 40 दिन का शोक; बेटी-दामाद, बहू-पोती भी मारी गई, RGC की कमान अब अहमद वहीदी के हाथ
अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा, परिवार के सदस्य भी मारे गए। ईरान में 40 दिन का शोक और IRGC में अहमद वहीदी की नियुक्ति।
■ परिवार के कई सदस्यों के मारे जाने की पुष्टि, 40 दिन का राजकीय शोक घोषित
■ IRGC में बड़ा बदलाव, ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहीदी बने नए कमांडर-इन-चीफ
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए एहतियाती हमलों के बाद मध्य-पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरानी मीडिया के हवाले से दावा किया गया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार हमले में उनकी बेटी, दामाद, बहू और पोती भी मारे गए हैं। इस घटना के बाद पूरे ईरान में 40 दिन के राजकीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि देश ने अपना एक “महान नेता” खो दिया है। इस बीच ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि वह “सबसे खतरनाक अभियान” शुरू करने जा रही है, जिसमें क्षेत्र के कब्जे वाले इलाकों और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
हमले के बाद ईरान की सैन्य संरचना में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के कमांडर-इन-चीफ की मौत के बाद ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहीदी को संगठन का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। इसे ईरान की ओर से त्वरित और सख्त प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर खामेनेई की मौत का दावा करते हुए इसे “इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक का अंत” बताया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी तक स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।
शनिवार रात राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। उपग्रह तस्वीरों में कथित तौर पर सुप्रीम लीडर के निवास के पास भारी तबाही दिखाई गई। दूसरी ओर ईरान ने भी तेल अवीव समेत कई इलाकों में मिसाइल हमले किए, जिनसे इमारतों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा।
ईरान के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत और 740 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। राहत और बचाव अभियान जारी है।
अयातुल्ला अली खामेनेई का राजनीतिक सफर
अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को मशहद में हुआ था। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद वे सत्ता के केंद्र में आए। 1981 में बम हमले में घायल होने के बावजूद उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और उसी वर्ष ईरान के राष्ट्रपति बने। 1989 में अयातुल्ला खोमैनी के निधन के बाद उन्हें देश का सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया। उनके समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का रक्षक मानते थे, जबकि आलोचक उन्हें कठोर और कट्टर शासक बताते रहे।
Akhil Mahajan