इस्फाहान में उमड़ा जनसैलाब, खामेनेई को अंतिम सलाम; इजराइल ने जताई खुशी, G7 से बात करेगा अमेरिका
ईरान के इस्फाहान में अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने हजारों लोग जुटे। इजराइल के रक्षा मंत्री ने उनकी मौत पर खुशी जताई, वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री G7 देशों से ईरान मुद्दे पर बातचीत करेंगे।
■ इस्फाहान में हजारों लोग अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने जुटे
■ इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने मौत पर जताई खुशी, नेतन्याहू को दी बधाई
■ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो G7 देशों से करेंगे ईरान पर अहम बातचीत
ईरान के ऐतिहासिक शहर Isfahan में रविवार को भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब हजारों लोग देश के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei को श्रद्धांजलि देने सड़कों पर उतर आए। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों पर लोगों की भीड़ देर तक जुटी रही। कई लोगों की आंखें नम थीं, तो कई हाथों में पोस्टर और बैनर थे। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए था।
सबसे अहम बात यह रही कि इस घटना ने केवल ईरान ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व की सियासत को झकझोर दिया है। खामेनेई को केवल धार्मिक नेता नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता, सेना और नीतिगत फैसलों का केंद्र माना जाता रहा है। ऐसे में उनकी मौत ने क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। देश के भीतर शोक का माहौल है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला तेज हो गया है।
इसी बीच इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खामेनेई की मौत पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और इजराइली सेना को बधाई दी। काट्ज ने कहा कि जो इजराइल को नुकसान पहुंचाना चाहता था, वह अब खत्म हो गया है। उन्होंने इसे न्याय की जीत और बुराई पर बड़ा प्रहार बताया। साथ ही स्पष्ट किया कि इजराइल अपनी सुरक्षा के लिए आगे भी पूरी ताकत से कार्रवाई करता रहेगा।
उधर, वैश्विक कूटनीति भी सक्रिय हो गई है। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio रविवार को G7 देशों के नेताओं से फोन पर बातचीत करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस बातचीत का मुख्य मुद्दा ईरान की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता रहेगा। आने वाले दिनों में ट्रम्प प्रशासन अन्य अंतरराष्ट्रीय नेताओं और अमेरिकी सांसदों से भी इसी विषय पर चर्चा करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की आंतरिक राजनीति और बाहरी संबंधों में अब बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मध्य-पूर्व में पहले से जारी तनाव के बीच यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में वैश्विक रणनीति को प्रभावित कर सकता है।
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