झज्जर डबल मर्डर में बड़ा खुलासा, सिर-कमर में मारी गई गोलियां; पहचान मिटाने को चेहरे कुचले, शव जलाने की भी थी तैयारी

झज्जर डबल मर्डर केस में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार दोनों की गोली मारकर हत्या की गई, फिर पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर वार किए गए। शवों को जलाने की भी आशंका जताई जा रही है।

झज्जर डबल मर्डर में बड़ा खुलासा, सिर-कमर में मारी गई गोलियां; पहचान मिटाने को चेहरे कुचले, शव जलाने की भी थी तैयारी

➤ पोस्टमॉर्टम में दोनों मृतकों के शरीर से मिली गोलियां, हत्या के बाद चेहरे पर किए गए वार

➤ सुनसान जगह पर फेंके गए शव, पास से तेल का ड्रम और पाइप मिलने से सबूत मिटाने की आशंका

➤ परिजनों ने दो लोगों पर जताया शक, पुलिस कई एंगल से कर रही जांच


झज्जर। झज्जर-गुरुग्राम रोड स्थित सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के सामने झाड़ियों में मिले दो शवों के मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों की हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई और बाद में सबूत मिटाने के उद्देश्य से शवों को सुनसान इलाके में फेंक दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि दोनों को गोली मारने के बाद उनके चेहरे और सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किए गए, जिससे उनकी पहचान छिपाई जा सके।

डॉक्टरों की टीम के अनुसार कामिल (50) के सिर से एक गोली बरामद हुई, जबकि इरशाद (40) के कान और पीठ से दो गोलियां मिली हैं। पुलिस का मानना है कि पहले दोनों की गोली मारकर हत्या की गई और बाद में लोहे की रॉड या किसी भारी पत्थर से चेहरे और सिर पर हमला किया गया।

शव जलाने की भी थी तैयारी

घटनास्थल से पुलिस को एक नीला ड्रम, उसमें पेट्रोलियम पदार्थ, एक पाइप और ट्रक की चाबी मिली है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी शवों को जलाकर सबूत मिटाना चाहते थे, लेकिन किसी के आने की आहट मिलने पर शव वहीं छोड़कर फरार हो गए।

दो करोड़ रुपये का प्लॉट बेच चुका था कामिल

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों मृतक उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के जौला गांव के रहने वाले थे। दोनों पिछले करीब 20 वर्षों से साथ काम कर रहे थे। पहले राजस्थान के नीमराना में पीजी व्यवसाय से जुड़े थे और हाल ही में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया था। परिजनों के अनुसार, कामिल ने करीब दो महीने पहले मेरठ में अपना एक प्लॉट लगभग 2 करोड़ रुपये में बेचा था। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।

4 जुलाई को निकले, 6 जुलाई को मिले शव

परिजनों के अनुसार, 4 जुलाई को दोनों एक ब्लैक स्कॉर्पियो में सवार होकर नीमराना के लिए निकले थे। 6 जुलाई की सुबह झज्जर में दोनों के अर्धनग्न शव बरामद हुए। पुलिस को आशंका है कि हत्या से पहले दोनों के साथ मारपीट भी की गई थी।

परिजनों ने दो लोगों पर जताया शक

मृतक इरशाद के भाई हकीकत ने बताया कि 6 जुलाई को सतीश ने फोन कर परिवार को दोनों के एक्सीडेंट की सूचना दी थी। बाद में सतीश और सिकंदर अस्पताल भी पहुंचे, लेकिन कुछ देर बाद वहां से चले गए। इसके बाद दोनों का कोई पता नहीं चला। परिजनों ने दोनों पर शक जताते हुए पुलिस को शिकायत दी है।

मोबाइल गायब, कई एंगल से जांच जारी

सदर थाना प्रभारी परमजीत ने बताया कि शुरुआती जांच से स्पष्ट हुआ है कि हत्या कहीं और की गई और शव झज्जर लाकर फेंके गए। दोनों मृतकों के मोबाइल फोन भी गायब हैं। पुलिस हत्या, लूट, संपत्ति विवाद और सबूत मिटाने सहित सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।