पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सिटिंग जज जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का 59 वर्ष की उम्र में निधन
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सिटिंग जज जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का 59 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज हरियाणा के हांसी स्थित पैतृक गांव में होगा।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सिटिंग जज जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का 59 वर्ष की उम्र में निधन
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस, आज हांसी के पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
1992 में वकालत से शुरुआत कर 2018 में बने स्थायी हाई कोर्ट जज, कई अहम पदों पर दी सेवाएं
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सिटिंग जज जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का रविवार तड़के निधन हो गया। वह 59 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। हाई कोर्ट प्रशासन के अनुसार उन्होंने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में सुबह 2:50 बजे अंतिम सांस ली।
जस्टिस सिंधु के निधन की खबर से न्यायिक जगत, अधिवक्ताओं और कानून से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार रविवार शाम 5 बजे हरियाणा के हांसी स्थित पैतृक गांव मसूदपुर में किया जाएगा।
जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का जन्म 4 अप्रैल 1967 को हरियाणा के हांसी जिले के गांव मसूदपुर में हुआ था। वह अपने परिवार के प्रथम पीढ़ी के अधिवक्ता थे। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से प्राप्त की और वर्ष 1992 में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से एलएलबी की डिग्री हासिल की।
एलएलबी के बाद उन्होंने उसी वर्ष बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दीवानी, आपराधिक और संवैधानिक मामलों की प्रैक्टिस शुरू की। अपनी मेहनत और कानूनी दक्षता के दम पर उन्होंने न्यायिक क्षेत्र में अलग पहचान बनाई।
अपने लंबे कानूनी करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 1999 में अतिरिक्त केंद्रीय सरकारी स्थायी अधिवक्ता बने। इसके बाद 2000 में चंडीगढ़ प्रशासन के अतिरिक्त सरकारी वकील नियुक्त हुए। वर्ष 2004 से 2008 तक हरियाणा सरकार के उप महाधिवक्ता, 2008 से 2009 तक पंजाब सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता और 2009 से 2013 तक दोबारा हरियाणा सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में सेवाएं दीं।
उनकी योग्यता और अनुभव को देखते हुए 10 जुलाई 2017 को उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 3 दिसंबर 2018 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
अपने न्यायिक कार्यकाल में जस्टिस सिंधु ने कई महत्वपूर्ण संवैधानिक, आपराधिक और जनहित से जुड़े मामलों में फैसले सुनाए। न्यायिक जिम्मेदारियों के अलावा वह दिव्यांगजन अधिकारों और रेड क्रॉस जैसी सामाजिक संस्थाओं से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
pooja