डीएसपी को धमकाने का आरोप लगाने वाला हेड कॉन्स्टेबल बर्खास्त
कैथल में DSP पर धमकाने के आरोप सोशल मीडिया पर लगाने और सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोप में हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को बर्खास्त कर दिया गया है।
■ DSP पर धमकाने के आरोप सोशल मीडिया पर लगाए
■ विभागीय शिकायत के बजाय पोस्ट से पुलिस छवि पर असर
■ नशा मुक्ति अभियान के वीडियो अपलोड करना भी बना कारण
हरियाणा के कैथल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को विभागीय अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। शनिवार को उपासना सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि संधू ने एक DSP पर धमकाने के आरोप लगाए, लेकिन इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को देने के बजाय सोशल मीडिया पर सार्वजनिक पोस्ट कर दी, जिससे पुलिस विभाग की छवि प्रभावित हुई।
एसपी के अनुसार, संधू नशा मुक्ति अभियान के दौरान आरोपियों को पकड़ने के वीडियो अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते थे, जो सेवा नियमों के विरुद्ध है। इन दोनों मामलों को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की गई।
DSP पर क्या लगाए थे आरोप
23 फरवरी को संधू ने फेसबुक पोस्ट के जरिए ललित यादव पर झूठे नशा तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस पोस्ट के बाद एसपी ने मामले की जांच कुलदीप बेनीवाल को सौंपी थी।
विवाद बढ़ने के बाद दो दिन पहले संधू सहित नशा मुक्ति टीम के 9 सदस्यों को लाइन हाजिर किया गया था। जिला पुलिस मुख्यालय ने कहा था कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने नियमों और अनुशासन का पालन नहीं किया।
पोस्ट में क्या लिखा था
संधू ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि उन्होंने प्रशासन के निर्देश पर नशे के खिलाफ अभियान चलाया, लेकिन अब उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने अपने परिवार और बच्चों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई है।
उन्होंने यह भी लिखा कि उन्होंने कभी रिश्वत नहीं ली और यदि उन पर लगाए गए आरोप गलत साबित हों तो वे जांच के लिए तैयार हैं।
फिलहाल सुनील संधू कैथल के एक निजी अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं।
Akhil Mahajan