अग्रोहा धाम में कन्हैया मित्तल के बयान से मचा बवाल “नवरात्र में दुर्गा, बाद में मुर्गा” भड़के लोग

हिसार के अग्रोहा धाम में भजन गायक कन्हैया मित्तल ने शरद पूर्णिमा मेले के दौरान विवादित बयान दिया। उन्होंने नवरात्रि और ऋषि-मुनियों पर टिप्पणी कर दी, जिससे धार्मिक विवाद भड़क गया।

अग्रोहा धाम में कन्हैया मित्तल के बयान से मचा बवाल  “नवरात्र में दुर्गा, बाद में मुर्गा” भड़के लोग

भजन गायक कन्हैया मित्तल ने अग्रोहा धाम में विवादित बयान दिया
ऋषि-मुनियों और नवरात्रि को लेकर की विवादित टिप्पणी
अभिनेता गजेंद्र चौहान और विधायक सावित्री जिंदल भी मंच पर मौजूद


हरियाणा के भजन गायक कन्हैया मित्तल एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। हिसार के अग्रोहा धाम में आयोजित शरद पूर्णिमा मेले के दौरान उन्होंने मंच से ऋषि-मुनियों और नवरात्रि को लेकर ऐसा बयान दे दिया, जिसने धार्मिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है।

कन्हैया ने अपने भजन कार्यक्रम के दौरान कहा कि “दुनिया नौ दिन दुर्गा-दुर्गा करती है और फिर उसके बाद मुर्गा-मुर्गा करती है।” उनके इस बयान को लोगों ने हिंदू धार्मिक भावनाओं से जुड़ा बताते हुए आपत्तिजनक माना।

कार्यक्रम में अभिनेता गजेंद्र चौहान, विधायक सावित्री जिंदल और बजरंग दास गर्ग भी मंच पर मौजूद थे। अब इस पूरे प्रकरण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कार्यक्रम में कन्हैया ने कहा कि वैश्य समाज पहले क्षत्रिय समाज था। उन्होंने मंच से यह भी कहा कि ऋषियों ने महाराजा अग्रसेन से घोड़े की बलि देने को कहा था, ताकि यज्ञ सफल हो सके, लेकिन महाराजा अग्रसेन ने इसे अस्वीकार कर दिया और कहा कि किसी की बलि देकर वंश वृद्धि नहीं होगी।
कन्हैया ने आगे कहा कि “गोत्र 18 नहीं, बल्कि साढ़े 17 ही कहलाते हैं।” इसके बाद उन्होंने कहा कि “दुनिया 9 दिन दुर्गा-दुर्गा करती है, फिर नवरात्र खत्म होते ही मुर्गा-मुर्गा करती है। लेकिन अग्रवंशी ऐसा नहीं करते — वे हमेशा सात्विक भोजन करते हैं।”

इस बयान के बाद स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने कन्हैया मित्तल की बातों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि एक भजन गायक को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए और मंच से ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाएं।

यह पहली बार नहीं है जब कन्हैया मित्तल विवादों में आए हों। कुछ सप्ताह पहले ही उन्होंने महाराजा सूरजमल के नाम को गलती से ‘सूरज खान’ लिख दिया था, जिसके बाद जाट समाज ने विरोध जताया था।
लोगों ने उनके पोस्टर पर कालिख पोत दी थी और कार्यक्रम स्थल पर ताला जड़ दिया था। इसके बाद कन्हैया को झोली फैलाकर सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी थी।

अग्रोहा धाम में माता लक्ष्मी और महाराजा अग्रसेन का शक्तिपीठ स्थित है। हर साल यहां शरद पूर्णिमा पर भव्य मेला आयोजित किया जाता है। इस बार के आयोजन में अग्रोहा विकास ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तम प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि समाज के सहयोग से धाम का 30 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण और ऑडिटोरियम व म्यूजियम का निर्माण कराया जा रहा है।धार्मिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि कन्हैया मित्तल के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कराई जाए और अगर बयान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।