रोज की ये गलतियां कमजोर कर सकती हैं पाचन शक्तिजानें गट हेल्थ खराब करने वाली 8 आदतें
रोज की कुछ आदतें गट हेल्थ और पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती हैं। जानें फाइबर, पानी, नींद, तनाव और खान-पान से जुड़ी गलतियों से कैसे बचें।
फाइबर, पानी और नींद की कमी पाचन तंत्र पर डाल सकती है असर
➤ प्रोसेस्ड फूड, जल्दबाजी में खाना और बिना जरूरत एंटीबायोटिक से बचें
➤ लगातार पेट की समस्या रहे तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी
नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित खान-पान, कम नींद और शारीरिक गतिविधि की कमी का असर शरीर के साथ-साथ पाचन तंत्र और गट हेल्थ पर भी पड़ सकता है। गैस, पेट फूलना, कब्ज और अपच जैसी परेशानियां कई बार रोजाना की आदतों से जुड़ी होती हैं।
हालांकि, हर व्यक्ति की पाचन क्षमता और खान-पान की जरूरत अलग होती है। इसलिए किसी एक डाइट को सभी के लिए सही मानना उचित नहीं है। अपने पेट और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है।
डाइट में फाइबर की कमी
फाइबर पाचन तंत्र के लिए जरूरी पोषक तत्वों में शामिल है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और बीन्स इसके अच्छे स्रोत हैं।
डाइट में लगातार फाइबर की कमी रहने से कुछ लोगों को कब्ज जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए भोजन में अलग-अलग तरह के पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थ शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
जरूरत से ज्यादा प्रोसेस्ड फूड खाना
पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का नियमित और ज्यादा सेवन संतुलित डाइट को प्रभावित कर सकता है।
ऐसे खाद्य पदार्थों की जगह ताजे और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प माना जाता है।
पर्याप्त पानी न पीना
शरीर में पानी की कमी का असर पाचन पर भी पड़ सकता है। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना जरूरी है।
हालांकि, पानी की जरूरत हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार शरीर की तरल पदार्थों की जरूरत बदलती है।
खाना बहुत जल्दी-जल्दी खाना
भागदौड़ में कई लोग भोजन को जल्दबाजी में खा लेते हैं। इससे भोजन को अच्छी तरह चबाने का समय नहीं मिल पाता।
इसलिए कोशिश करें कि भोजन धीरे-धीरे खाएं और उसे अच्छी तरह चबाएं। यह पाचन प्रक्रिया के लिए बेहतर आदत मानी जाती है।
लगातार बैठे रहना
शारीरिक गतिविधि की कमी का असर सिर्फ फिटनेस पर नहीं पड़ता, बल्कि यह ओवरऑल हेल्थ को भी प्रभावित कर सकती है।
दिनचर्या में नियमित वॉक या अपनी क्षमता के अनुसार दूसरी शारीरिक गतिविधि शामिल करना सामान्य स्वास्थ्य और पाचन के लिए फायदेमंद हो सकता है।
नींद पूरी नहीं करना
देर रात तक जागना और पर्याप्त नींद नहीं लेना शरीर के कई कार्यों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए नियमित नींद का रूटीन बनाने की कोशिश करनी चाहिए।
पर्याप्त आराम और बेहतर नींद को स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा माना जाता है।
बिना जरूरत एंटीबायोटिक्स लेना
एंटीबायोटिक्स कुछ बैक्टीरियल इंफेक्शन के इलाज में जरूरी दवाएं हैं, लेकिन इन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के लेना सही नहीं है।
इनका अनावश्यक इस्तेमाल शरीर के सामान्य माइक्रोबायोम पर असर डाल सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक लेने से बचना चाहिए।
तनाव को लगातार नजरअंदाज करना
तनाव और पाचन तंत्र के बीच संबंध पाया गया है। कुछ लोगों में ज्यादा तनाव के दौरान पेट फूलना, अपच या मल त्याग से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
इसलिए रोजाना कुछ समय आराम, व्यायाम या तनाव कम करने वाली गतिविधियों के लिए निकालना उपयोगी हो सकता है।
गट हेल्थ बेहतर रखने के लिए क्या करें
अपनी डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। पर्याप्त पानी पिएं और नियमित शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
इसके साथ ही नींद का एक निश्चित रूटीन बनाने की कोशिश करें। बिना जरूरत सप्लीमेंट या दवाएं लेने से भी बचना चाहिए।
हर व्यक्ति की डाइट और पाचन क्षमता अलग होती है। इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार खान-पान में बदलाव करना बेहतर है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर गैस, पेट दर्द, लगातार कब्ज या दस्त, मल में खून, बिना वजह वजन कम होना या अन्य पाचन संबंधी लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
सिर्फ घरेलू उपायों के भरोसे लंबे समय तक ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
pooja