रेपिस्ट को उम्रकैद की सजा:कोर्ट ने ₹1.60 लाख जुर्माना भी लगाया, जानें पूरा मामला

कुरुक्षेत्र की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने 2019 के नाबालिग अपहरण और दुष्कर्म मामले में आरोपी को कठोर आजीवन कारावास और ₹1.60 लाख जुर्माने की सजा सुनाई।

रेपिस्ट को उम्रकैद की सजा:कोर्ट ने ₹1.60 लाख जुर्माना भी लगाया,  जानें पूरा मामला

16 वर्षीय नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई
पीड़िता के बयान और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार


कुरुक्षेत्र। करीब सात साल पुराने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले में कुरुक्षेत्र की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (रेप एवं पोक्सो एक्ट) ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी संजू उर्फ जसविंद्र निवासी लाडवा को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 1 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

जिला न्यायवादी जयमल सिंह ने बताया कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट) ने यह फैसला पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।

घर के पास से नाबालिग का किया था अपहरण

मामले के अनुसार, 12 जनवरी 2019 को थाना लाडवा क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी करीब 16 वर्षीय बेटी को 10 जनवरी 2019 को आरोपी घर के पास से जबरन उठाकर ले गया। बाद में परिजन आरोपी के घर पहुंचे और किशोरी को वापस लेकर आए।

घर लौटकर पीड़िता ने बताई आपबीती

परिजनों के साथ घर लौटने के बाद पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

डीएसपी ने की थी जांच

मामले की जांच तत्कालीन डीएसपी रमेश गुलिया ने की। जांच के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत न्यायालय में उसके बयान दर्ज कराए गए। जांच पूरी होने के बाद 16 जनवरी 2019 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में अदालत में चालान पेश किया गया।

साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, चिकित्सकीय साक्ष्यों और अन्य गवाहों के बयान अदालत के समक्ष पेश किए। सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास और ₹1.60 लाख जुर्माने की सजा सुनाई।