थार मालिक का DGP हरियाणा पर लीगल वार, भेजा कानूनी नोटिस, जानें क्‍या कहा था डीजीपी ने...

गुरुग्राम के थार मालिक ने DGP ओम प्रकाश सिंह के विवादित बयान पर लीगल नोटिस भेजा। बयान वापस लेने और माफी की मांग की। मानहानि व हर्जाने की मांग, 15 दिन में जवाब का समय।

थार मालिक का DGP हरियाणा पर लीगल वार, भेजा कानूनी नोटिस, जानें क्‍या कहा था डीजीपी ने...
  • थार मालिक ने DGP ओम प्रकाश सिंह को भेजा लीगल नोटिस

  • बयान वापस लेने और माफी की मांग, मानसिक तनाव का आरोप

  • मानहानि और हर्जाना मांगते हुए 15 दिन का समय दिया


गुरुग्राम के एक थार मालिक ने हरियाणा के DGP ओम प्रकाश सिंह द्वारा थार कार मालिकों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर कड़ा रुख अपनाया है। मालिक ने अपने वकील वेदांत वर्मा के माध्यम से लीगल नोटिस भेजते हुए कहा है कि DGP सार्वजनिक रूप से बयान वापस लें और माफी मांगें, क्योंकि इस स्टेटमेंट से उनकी और उनके परिवार की सामाजिक छवि को गंभीर नुकसान हुआ है।

यह मामला 8 नवंबर का है, जब गुरुग्राम प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बात करते हुए DGP ने कहा था कि जिसके पास थार होगी उसका दिमाग घुमा हुआ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि थार गाड़ी नहीं, स्टेटमेंट है और सारे बदमाश बुलेट से चलते हैं। यह वीडियो तेजी से यूट्यूब पर वायरल हो गया और कुछ ही घंटों में लाखों लोगों ने इसे देखा।

सेक्टर-102 बीपीटीपी अमस्टोरिया निवासी सर्व मित्तर ने कहा कि इस बयान के बाद उन्हें सार्वजनिक जगहों पर ताने सुनने पड़ रहे हैं। पड़ोसी और ऑफिस के लोग पूछते हैं—"भाई दिमाग ठीक है क्या?" यहां तक कि उनके बच्चे स्कूल में सहपाठियों की बातों से शर्मिंदा हो रहे हैं।

पीड़ित के अनुसार, उन्होंने जनवरी 2023 में 30 लाख से ज्यादा खर्च कर थार LX हार्डटॉप खरीदी थी, लेकिन मानसिक तनाव के चलते उन्होंने थार चलाना बंद कर दिया और दूसरी कार ले ली।

नोटिस में आपराधिक मानहानि, दीवानी मानहानि और हर्जाने की मांग की गई है। नोटिस में लिखा गया है कि भारत में 2 लाख से ज्यादा थार रजिस्टर्ड हैं और यह एक स्पष्ट पहचान योग्य वर्ग है। इसलिए यह टिप्पणी एक पूरे समूह की मानहानि है, जो कानून के तहत अपराध की श्रेणी में आती है।

वकील वेदांत वर्मा ने कहा कि यह पहला मामला है जिसमें BNS 2023 की नई व्याख्या का इस्तेमाल किसी बड़े अधिकारी के खिलाफ किया जा रहा है।