हरियाणा में महिला आयोग चेयरमैन ने पुलिस को लगाई फटकार:DC ऑफिस में 36 केसों की होनी थी सुनवाई
पंचकूला में महिला आयोग की सुनवाई के दौरान पीड़िताओं के अनुपस्थित रहने पर चेयरमैन रेनू भाटिया ने पुलिस को फटकार लगाई और भविष्य में दोनों पक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
■ महिला आयोग चेयरमैन ने पुलिस अधिकारियों को लगाई फटकार
■ 36 मामलों की सुनवाई में शुरुआती केसों में पीड़िताएं नहीं पहुंचीं
■ विदेश भागे आरोपी को वापस लाने के लिए सख्ती के निर्देश
हरियाणा के पंचकूला स्थित लघु सचिवालय में सोमवार को महिला आयोग की टीम ने लंबित मामलों की सुनवाई की। इस दौरान आयोग की चेयरमैन रेनू भाटिया के नेतृत्व में कुल 36 केसों को सूचीबद्ध किया गया था, जिन पर सुनवाई होनी थी। सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन की ओर से CTM जागृति और पुलिस विभाग से ACP अजित सिंह व ACP विक्रम नेहरा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हालांकि, कार्यवाही की शुरुआत में ही स्थिति असहज हो गई जब पहले तीन मामलों में पीड़िताएं ही सुनवाई में नहीं पहुंचीं। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए चेयरमैन रेनू भाटिया ने तुरंत कार्यवाही रोक दी और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाए कि सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि मामलों का निष्पक्ष और समयबद्ध निपटारा हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आगामी मामलों की सुनवाई से पहले ही संबंधित पक्षों को फोन कर मौके पर बुलाने की व्यवस्था करें। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही पीड़िताओं और संबंधित पक्षों को कॉल करना शुरू किया, ताकि आगे की सुनवाई प्रभावित न हो।
इसी दौरान एक अहम मामले की सुनवाई में चेयरमैन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। एक युवती के मामले में आरोपी युवक पिछले दो साल से कनाडा में रह रहा है, जबकि उसका परिवार भारत में जमानत पर है। इस पर चेयरमैन ने सख्त लहजे में कहा कि केवल लुकआउट नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि आरोपी पर दबाव बनाने के लिए उसके घर पर बार-बार दबिश दी जाए, ताकि वह भारत लौटने को मजबूर हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में पुलिस को सक्रिय और परिणाममुखी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि पीड़िताओं को न्याय मिल सके और आरोपी कानून के दायरे में आए।
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