हरियाणा में GenZ सेक्सटॉर्शन गैंग का पर्दाफाश! लड़कियां बनकर गंदे जाल में फंसाते थे लड़के, कई अधेड़ शिकार, कई मोबाइज जब्त
साइबर पुलिस ने सेक्सटॉर्शन गैंग का भंडाफोड़ कर मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को पकड़ा। फर्जी लड़कियों की प्रोफाइल बनाकर वीडियो कॉल के जरिए लोगों को ब्लैकमेल किया जाता था। आरोपियों को बाल सुधार घर भेजा
➤ फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों को प्रेमजाल में फंसाता था गैंग
➤ वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर ब्लैकमेलिंग के जरिए वसूलते थे रुपए
➤ 5 मोबाइल, 8 फर्जी सिम कार्ड बरामद, मास्टरमाइंड 3 दिन के पुलिस रिमांड पर
सोशल मीडिया पर खूबसूरत लड़की बनकर दोस्ती... फिर वीडियो कॉल और उसके बाद शुरू होता था ब्लैकमेल का खेल। हरियाणा में सक्रिय GenZ सेक्सटॉर्शन गैंग का फरीदाबाद पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह के युवा सदस्य फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर खासतौर पर अधेड़ लोगों को निशाना बनाते थे। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 5 मोबाइल और 8 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। पूरे साइबर नेटवर्क की अब गहन जांच की जा रही है।
फरीदाबाद में साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे सेक्सटॉर्शन गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो सोशल मीडिया पर खूबसूरत लड़कियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पहले आरोपी लोगों से दोस्ती कर उनका विश्वास जीतते थे और फिर वीडियो कॉल के दौरान उनकी रिकॉर्डिंग कर उन्हें ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड आसिफ उर्फ भस्सू, उसके एक साथी और एक नाबालिग को पकड़ लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में आसिफ उर्फ भस्सू निवासी गांव कैथवाड़ा, जिला डीग (राजस्थान), अमान निवासी जमाई कॉलोनी, फरीदाबाद तथा एक नाबालिग शामिल है। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह गिरोह पहले राजस्थान में सक्रिय था, लेकिन वहां पुलिस की दबिश बढ़ने के बाद आरोपियों ने फरीदाबाद के बड़खल क्षेत्र स्थित जमाई कॉलोनी को अपना नया ठिकाना बना लिया।
फर्जी सिम से बनाते थे लड़कियों के अकाउंट
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लड़कियों के नाम से नकली अकाउंट बनाते थे। इन प्रोफाइल पर आकर्षक तस्वीरें लगाकर लोगों से दोस्ती की जाती थी। मीठी-मीठी बातें कर उनका भरोसा जीता जाता और फिर उन्हें वीडियो कॉल के लिए तैयार किया जाता था।
वीडियो कॉल के दौरान आरोपी पहले से रिकॉर्ड किया गया अश्लील वीडियो चलाते थे, जिससे सामने वाले व्यक्ति को आपत्तिजनक स्थिति में आने के लिए उकसाया जाता था। पूरी वीडियो कॉल और बातचीत को स्क्रीन रिकॉर्डर के जरिए रिकॉर्ड कर लिया जाता था।
बदनामी का डर दिखाकर करते थे वसूली
रिकॉर्डिंग के बाद आरोपी एडिट की गई वीडियो पीड़ित को भेजते थे और उसे सोशल मीडिया, परिवार और परिचितों के बीच वायरल करने की धमकी देते थे। साथ ही झूठे मुकदमे में फंसाने का डर भी दिखाया जाता था। बदनामी के डर से कई लोग उनकी मांग के अनुसार ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस के अनुसार ठगी की रकम फर्जी बैंक खातों में जमा कराई जाती थी।
पुलिस ने बरामद किए 5 मोबाइल और 8 फर्जी सिम
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन और 8 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच में लड़कियों के नाम से बनाए गए कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों का भी पता चला है। अब पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और पूरे साइबर नेटवर्क की जांच कर रही है।
मास्टरमाइंड 3 दिन के पुलिस रिमांड पर
सब इंस्पेक्टर अवतार ने बताया कि गिरोह के मास्टरमाइंड आसिफ को अदालत में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं दूसरे आरोपी अमान को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में पकड़े गए नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जाएगी।
Akhil Mahajan