कोकरोच जनता पार्टी का ऐलान, सितंबर से फिर शुरू होगा 'Gen Z' आंदोलन
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➤ सितंबर से 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान के जरिए देशभर में युवाओं से संवाद करेगी CJP
➤ बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और शिक्षा सुधार को बनाएगी राष्ट्रीय मुद्दा
➤ अभिजीत दीपके बोले- CJP चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में करेगी काम
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर देशभर में आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ऐलान किया है कि सितंबर से 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत देशभर के गांवों और शहरों में जाकर खासकर Gen Z और युवाओं से सीधे संवाद किया जाएगा। अभियान के केंद्र में बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दे रहेंगे।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि देश में बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है और स्कूल, कॉलेज तथा कोचिंग संस्थानों की फीस आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रही है। CJP इस व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर जनमत तैयार करेगी।
गांव-शहर में युवाओं से करेगी सीधा संवाद
दीपके ने बताया कि 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान के दौरान उनकी टीम देशभर के गांवों और शहरों में जाएगी। युवाओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुझावों को एकत्र किया जाएगा। संगठन का दावा है कि इन मुद्दों को सरकार और संबंधित संस्थाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा।
चुनावी पार्टी नहीं बनेगी CJP
अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि कॉकरोच जनता पार्टी किसी चुनावी राजनीतिक दल के रूप में काम नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक संस्थाओं और शासन व्यवस्था में जवाबदेही तय कराने के लिए एक मजबूत पब्लिक प्रेशर ग्रुप की भूमिका निभाएगा।
बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और संस्थागत जवाबदेही पर रहेगा फोकस
दीपके के मुताबिक अभियान के दौरान महंगी शिक्षा, बेरोजगारी और शिक्षा सुधार प्रमुख मुद्दे होंगे। इसके अलावा चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसी संस्थाओं में जनता का भरोसा मजबूत करने के लिए भी दबाव बनाया जाएगा।
36 दिन तक चला था जंतर-मंतर आंदोलन
इससे पहले 20 जून से 25 जुलाई तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP ने 36 दिनों तक धरना दिया था। यह आंदोलन NEET-UG पेपर लीक और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चलाया गया था। आंदोलन में हजारों छात्र, अभिभावक और युवा शामिल हुए थे। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।
ऐसे हुई थी CJP की शुरुआत
सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अमेरिका में पढ़ाई कर रहे अभिजीत दीपके ने विरोध स्वरूप कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम से एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान शुरू किया था। सोशल मीडिया पर यह मुहिम तेजी से फैली और बड़ी संख्या में छात्र इससे जुड़ते गए। बाद में यही अभियान एक संगठित छात्र आंदोलन में बदल गया।
Akhil Mahajan