सोनीपत में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, कमल दीवान का नामांकन
सोनीपत में कांग्रेस मेयर उम्मीदवार कमल दीवान ने नामांकन भरा। दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा पर विकास और कानून व्यवस्था को लेकर तीखा हमला किया।
कांग्रेस उम्मीदवार कमल दीवान ने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल किया
■ दीपेंद्र हुड्डा समेत नेताओं का शक्ति प्रदर्शन, भाजपा सरकार पर तीखे आरोप
■ विकास, कानून व्यवस्था और महंगाई को बनाया चुनावी मुद्दा
सोनीपत नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस ने दमदार शुरुआत करते हुए अपने मेयर उम्मीदवार कमल दीवान का नामांकन भरवाया। नामांकन के दौरान पार्टी ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया, जिसमें वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
सुबह सेक्टर-14 स्थित कार्यालय में हवन-यज्ञ के बाद कार्यकर्ता कोर्ट रोड स्थित हनुमान मंदिर पर एकत्रित हुए। इसके बाद काफिले के रूप में एडीसी कार्यालय पहुंचकर रिटर्निंग ऑफिसर अजय चोपड़ा को नामांकन पत्र सौंपा गया।
दीपेंद्र हुड्डा का भाजपा पर तीखा हमला
नामांकन के बाद राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सोनीपत विकास की पटरी से उतर चुका है और शहर में जल निकासी, सीवरेज और जलभराव जैसी समस्याएं गंभीर बनी हुई हैं।
इसके साथ ही उन्होंने गैंगस्टर और फिरौती के मामलों में बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।
कांग्रेस ने दिखाया संगठन का दम
इस मौके पर कांग्रेस ने अपनी एकजुटता और संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, विधायक और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित सभा में नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चुनावी रणनीति और पार्टी की नीतियों को सामने रखा।
कमल दीवान ने गिनाए स्थानीय मुद्दे
मेयर उम्मीदवार कमल दीवान ने शहर की प्रमुख समस्याओं को चुनावी एजेंडा बताया। उन्होंने कहा कि पीने का पानी, सीवरेज, प्रॉपर्टी आईडी और जलभराव जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में विकास ठप और भ्रष्टाचार चरम पर है, इसलिए जनता अब बदलाव चाहती है।
चुनाव प्रक्रिया और वोटर आंकड़े
सोनीपत नगर निगम चुनाव के लिए 21 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इस बार शहर में करीब 2.96 लाख मतदाता हैं, जो पिछले चुनाव के मुकाबले थोड़ा अधिक है। साथ ही वार्डों की संख्या 20 से बढ़ाकर 22 कर दी गई है।
NOTA रहेगा, लेकिन असर नहीं
इस चुनाव में NOTA का विकल्प तो रहेगा, लेकिन इससे नतीजों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अब सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार ही विजेता घोषित होगा।
कौन हैं कमल दीवान
कमल दीवान का जन्म 1973 में सोनीपत में हुआ। वे दीवान चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हैं।
उनके पिता स्व. देवराज दीवान भी विधायक रह चुके हैं। वर्तमान में कमल दीवान कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष हैं।
pooja