यूनिवर्सिटी में कुर्सी तोड़फोड़ पर बढ़ा विवाद , JJP नेता आज VC को देंगे मांगपत्र
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में कुर्सी तोड़फोड़ मामले पर JJP पदाधिकारी VC से मिलेंगे। सिक्योरिटी लापरवाही और FIR को लेकर विवाद बढ़ा।
■ कुर्सियां टूटने के मामले में JJP नेता VC को सौंपेंगे मांगपत्र
■ सिक्योरिटी पर लापरवाही के आरोप, घटना के वक्त स्टाफ गायब होने का दावा
■ FIR को बताया राजनीतिक कार्रवाई, सरकार पर साधा निशाना
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में हुए कुर्सी तोड़फोड़ विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है। जननायक जनता पार्टी (JJP) के पदाधिकारी आज यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर (VC) से मुलाकात करेंगे।
JJP के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. जसविंदर खैहरा अपने साथियों के साथ VC को एक मांगपत्र सौंपेंगे, जिसमें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की जाएगी।
सिक्योरिटी स्टाफ पर उठाए गंभीर सवाल
डॉ. जसविंदर खैहरा ने यूनिवर्सिटी के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर आनंद कुमार पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि 7 अप्रैल को हुए कार्यक्रम के लिए 42 हजार रुपए हॉल बुकिंग और 25 हजार रुपए सिक्योरिटी के लिए दिए गए थे, फिर भी घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आई।
खैहरा ने सवाल उठाया—
“जब कुर्सियां तोड़ी जा रही थीं, तब सिक्योरिटी स्टाफ कहां था?”
नुकसान की भरपाई पर बनी थी सहमति
JJP नेताओं के अनुसार, घटना के अगले दिन यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ बैठक हुई थी। इसमें प्रशासन ने दो विकल्प दिए थे—
- यूनिवर्सिटी के कॉन्ट्रेक्टर से कुर्सियों की मरम्मत
- नुकसान की भरपाई
खैहरा ने दावा किया कि उनकी प्रशासन के साथ भरपाई को लेकर सहमति बन गई थी।
FIR को बताया राजनीतिक साजिश
डॉ. खैहरा ने आरोप लगाया कि सहमति बनने के बावजूद उनके खिलाफ FIR दर्ज करना राजनीतिक दबाव का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सरकार के इशारे पर की गई और उन्हें जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का पक्ष
वहीं यूनिवर्सिटी के CSO आनंद कुमार के अनुसार, 7 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम को सामाजिक उद्देश्य से मंजूरी दी गई थी।
लेकिन कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक भाषण दिए गए, जिससे माहौल बिगड़ा और करीब 80 कुर्सियां तोड़ी गईं। साथ ही अन्य संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया।
बाहरी लोगों की एंट्री पर भी सवाल
प्रशासन का दावा है कि कार्यक्रम में 300-400 लोग शामिल हुए, जिनमें कई बाहरी लोग भी थे। इसी वजह से स्थिति बिगड़ी और तोड़फोड़ हुई।
pooja