पानीपत में पतंग उड़ाते समय हाईटेंशन तारों की चपेट में आए 3 बच्चे, एक की मौत
पानीपत में पतंग उड़ाते समय हाईटेंशन तारों की चपेट में आए 3 बच्चे। 11 वर्षीय दीपांशु की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने लापरवाही के आरोप लगाए।
➤ पानीपत में पतंग उड़ाते समय हाईटेंशन तारों की चपेट में आए 3 बच्चे
➤ 11 वर्षीय दीपांशु की इलाज के दौरान मौत, दो बच्चे झुलसे
➤ परिजनों ने इलाज में लापरवाही और तारों की ऊंचाई पर उठाए सवाल
हरियाणा के पानीपत के अर्जुन नगर इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां छत पर पतंग उड़ा रहे तीन मासूम बच्चे अचानक हाईटेंशन बिजली तारों की चपेट में आ गए। इस हादसे में तीनों बच्चे बुरी तरह झुलस गए, जिनमें से 11 वर्षीय दीपांशु ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, रविवार को तीनों बच्चे घर की छत पर खेलते हुए पतंग उड़ा रहे थे। इसी दौरान वे पास से गुजर रहे हाईटेंशन तारों के संपर्क में आ गए। करंट लगते ही तीनों बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए और परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बच्चों को अस्पताल ले जाया गया।
दीपांशु, जो पांचवीं कक्षा का छात्र था, की हालत बेहद गंभीर थी। उसे बेहतर इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उसे समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाया। परिजनों ने बताया कि अस्पतालों में कागजी प्रक्रिया में समय बर्बाद हुआ और इलाज में देरी के चलते बच्चे की जान चली गई।
वहीं, हादसे में झुलसे दो अन्य बच्चों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। परिवार के लोगों का कहना है कि दीपांशु पढ़ाई में अच्छा था और परिवार की उम्मीदों का सहारा था। उसकी मौत से घर का माहौल पूरी तरह से बदल गया है।
स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए इलाके में लगे नीचे झुके हाईटेंशन तारों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि तार छतों के बेहद करीब हैं, जिससे पहले भी खतरा बना रहता था। लोगों ने मांग की है कि या तो इन तारों की ऊंचाई बढ़ाई जाए या इन्हें अंडरग्राउंड किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे न हों।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने बताया कि उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि उनका बेटा इस दुनिया में नहीं रहा। परिवार में एक छोटा भाई है, जो अब अकेला रह गया है।
यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए त्रासदी बन गया है, बल्कि प्रशासन और बिजली विभाग की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोग अब इस मामले में सख्त कार्रवाई और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।
Akhil Mahajan