कुलदीप बोले- CM 3 घंटे लेट थे,पोस्टर विवाद पर दी सफाई, पहले ही मांग ली थी माफी

हिसार के GJU कार्यक्रम में पोस्टर विवाद पर भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने पहली बार सफाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीन घंटे देरी से पहुंचे थे और उन्हें जरूरी काम से दिल्ली जाना था।

कुलदीप बोले- CM 3 घंटे लेट थे,पोस्टर विवाद पर दी सफाई, पहले ही मांग ली थी माफी
  • पोस्टर विवाद पर पहली बार बोले कुलदीप बिश्नोई, बोले- CM तीन घंटे देरी से पहुंचे
  • दिल्ली के जरूरी कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा- पहले ही माफी मांग चुका था
  • GJU कार्यक्रम में पोस्टर से फोटो हटने और विधायक रणधीर पनिहार के सम्मान छूटने पर भी मचा था विवाद

हिसार की गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम के दौरान हुए पोस्टर विवाद पर भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने पहली बार अपना पक्ष रखा है। राजस्थान के जोधपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने तय समय से करीब तीन घंटे देरी से पहुंचे थे। उन्हें उसी दिन एक जरूरी काम से दिल्ली जाना था, इसलिए कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही निकलना पड़ा।

कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि उनके पास समय कम था। उन्होंने वहां से निकलने से पहले मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी दी थी और उनसे माफी भी मांग ली थी। उन्होंने कहा कि किसी तरह की नाराजगी या असम्मान की भावना नहीं थी, बल्कि समय की मजबूरी के कारण उन्हें रवाना होना पड़ा।

12 जुलाई के कार्यक्रम में हुआ था विवाद

12 जुलाई को GJU में नर्सिंग ब्लॉक और गर्ल्स हॉस्टल की नई इमारत का शिलान्यास मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हाथों होना था। कार्यक्रम के मंच पर मुख्यमंत्री के साथ कुलदीप बिश्नोई के बैठने की भी व्यवस्था की गई थी।

हालांकि कार्यक्रम स्थल पर लगे मुख्य पोस्टर से कुलदीप बिश्नोई की तस्वीर गायब मिलने के बाद मामला अचानक चर्चा में आ गया। समर्थकों से जानकारी मिलने पर वह ऑडिटोरियम में प्रवेश किए बिना ही वापस लौट गए थे। इस दौरान उनकी निर्धारित कुर्सी पर उनके चचेरे भाई दुड़ाराम बैठे थे।

बोले- दिल्ली का कार्यक्रम पहले से तय था

जोधपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में देरी होने के कारण उनका दिल्ली जाना जरूरी हो गया था। उन्होंने बताया कि हिसार से दिल्ली पहुंचने में करीब तीन घंटे लगते हैं और उनका कार्यक्रम पहले से तय था। इसलिए समय रहते निकलना उनकी मजबूरी थी।

भजनलाल की सोच का किया जिक्र

अपने संबोधन में कुलदीप बिश्नोई ने पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी की स्थापना समाज और शिक्षा के व्यापक विकास की सोच के साथ करवाई थी। उनका उद्देश्य था कि गुरु जम्भेश्वर भगवान का मानव कल्याण का संदेश सभी 36 बिरादरियों तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत विश्वविद्यालय परिसर में गुरु जम्भेश्वर भगवान और माता अमृता देवी की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया, ताकि नई पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के उनके योगदान से प्रेरणा ले सके।

विधायक रणधीर पनिहार का सम्मान भी छूटा

इसी कार्यक्रम के दौरान नलवा विधायक रणधीर सिंह पनिहार का सम्मान भी विवाद का कारण बना। मंच पर अन्य जनप्रतिनिधियों को पटका और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया, लेकिन उनका नाम छूट गया।

बाद में मंच से घोषणा कर उन्हें सम्मानित करने का प्रयास किया गया, लेकिन विधायक ने कुलपति के हाथ से पटका पहनने के बजाय उसे अपने हाथ में लेकर रख लिया। इस दौरान उनकी नाराजगी भी साफ दिखाई दी।

पहले भी हो चुका है विवाद

इससे पहले 24 अप्रैल 2025 को नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल पर की गई टिप्पणी को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था। बाद में रेखा शर्मा ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी कुलदीप बिश्नोई से मुलाकात कर उन्हें मनाने पहुंचे थे।