सरकारी जमीन से पेड़ उखाड़ने पर बवाल, वन विभाग-ठेकेदार में बहस, ₹1.52 लाख जुर्माना
रेवाड़ी में सरकारी वन भूमि से हरा पेड़ उखाड़ने पर वन विभाग और ठेकेदार के बीच घंटों विवाद चला। आखिरकार ठेकेदार ने ₹1.52 लाख जुर्माना भरने के बाद मामला शांत हुआ।
- रेवाड़ी में सरकारी वन भूमि से हरा पेड़ उखाड़ने पर घंटों हाईवोल्टेज बवाल
- वन विभाग और ठेकेदार के बीच तीखी बहस, पुलिस की मौजूदगी में बढ़ा विवाद
- ₹1.52 लाख जुर्माना भरने के बाद मामला शांत, पहले भी दर्ज हो चुका है केस
रेवाड़ी में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक बताए जा रहे एक ठेकेदार से जुड़ा नया विवाद सामने आया है। महेंद्रगढ़ रोड स्थित जाडरा गांव के पास सरकारी वन भूमि पर खड़े एक हरे पेड़ को जेसीबी से उखाड़ने के बाद सोमवार को मौके पर जमकर हंगामा हुआ। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई रोकने का प्रयास किया, लेकिन काम नहीं रुका। इसके बाद मौके पर डायल-112 पुलिस भी पहुंच गई।
घंटों चली बहस के दौरान वन विभाग, ठेकेदार, उसके समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। वन विभाग के कर्मचारी जेसीबी को मौके पर ही सील करने की मांग पर अड़े रहे, जबकि ठेकेदार ने पेड़ उखाड़ने से हुए नुकसान की भरपाई करने की बात स्वीकार कर ली। आखिरकार ₹1,52,060 का जुर्माना जमा कराने के बाद विवाद समाप्त हुआ।
पहले भी दर्ज हो चुका है मामला
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार संबंधित ठेकेदार के खिलाफ 12 जून को भी सरकारी पेड़ काटने का मामला दर्ज किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि पहले भी इसी मशीन से वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था, इसलिए इस बार कार्रवाई और सख्त की गई।
सड़क पर घंटों चला हाईवोल्टेज ड्रामा
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार वन विभाग और ठेकेदार पक्ष के बीच सड़क पर कई घंटों तक बहस होती रही। दोनों पक्ष एक-दूसरे के सामने अपने अधिकार और नियमों का हवाला देते रहे। इस दौरान कई वीडियो भी सामने आए, जिनमें कर्मचारी सरकारी जमीन पर जेसीबी चलाने का विरोध करते दिखाई दिए।
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सरकारी जमीन पर बिना अनुमति खुदाई और पेड़ उखाड़ना कानून का उल्लंघन है। वहीं ठेकेदार ने कहा कि मशीन ऑपरेटर से गलती हुई है और जो भी नुकसान हुआ है, उसका भुगतान करने को तैयार हैं।
पुलिस के सामने भी नहीं बनी सहमति
विवाद बढ़ने पर पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि वन विभाग के कर्मचारी लगातार जेसीबी को सील करने की मांग करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, जबकि वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम के तहत मौके पर मशीन जब्त करने का अधिकार होने की बात कही।
वन विभाग ने बताया पर्यावरण के लिए खतरा
वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मौके पर सहतूत का करीब 34 सेंटीमीटर मोटा पेड़ उखड़ा हुआ मिला। विभाग ने कहा कि संबंधित मशीन पहले भी सरकारी पेड़ों को नुकसान पहुंचा चुकी है और बार-बार वन अपराध में इस्तेमाल होने के कारण यह पर्यावरण के लिए खतरा बन चुकी है।
अधिकारियों ने बताया कि मशीन को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन मशीन मालिक द्वारा नियमानुसार ₹1,52,060 का जुर्माना जमा कराने के बाद उसे मौके पर ही छोड़ दिया गया।
पहले भी विवादों में रहे समर्थक
हाल के दिनों में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थकों से जुड़े कई विवाद सामने आ चुके हैं। इससे पहले जिला प्रमुख मनोज यादव का नाम एक महिला से जुड़े मामले में चर्चा में रहा। इसके अलावा आरती राव के जन्मदिन समारोह में हाथापाई, जिला परिषद के उद्घाटन शिलापट्ट पर स्थानीय विधायक का नाम नहीं होने और धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में विवाद जैसे मामले भी सुर्खियों में रहे हैं।
pooja