बड़ा बस हादसा : 21 मौतें, कई घायल; PM मोदी ने किया 2 लाख रुपये मुआवजे का एलान
उधमपुर में रामनगर-उधमपुर मार्ग पर बस खाई में गिरने से 10 से अधिक मौतों की आशंका है। तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग हादसे की वजह मानी जा रही है।
➤ उधमपुर में खाई में गिरी बस, 18 से ज्यादा मौतों की आशंका
➤ तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग बनी हादसे की बड़ी वजह
➤ SDRF और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, कई घायल
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। रामनगर-उधमपुर मार्ग पर कघोट इलाके में एक यात्री बस अनियंत्रित होकर करीब 70 से 80 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में 21 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बस (नंबर JK14D-2121) सुबह रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी। बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें सरकारी कर्मचारी, शिक्षक और छात्र शामिल बताए जा रहे हैं। हादसा सुबह करीब 9:40 बजे उस समय हुआ जब चालक कघोट के एक खतरनाक मोड़ को पार कर रहा था और अचानक बस पर से नियंत्रण खो बैठा।
बताया जा रहा है कि बस सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी और कई बार पलटते हुए बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए।
सूचना मिलते ही पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। खाई में गिरी बस को काटकर और भारी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला गया।
घायलों को एंबुलेंस के जरिए GMC उधमपुर पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घायल यात्री देस राज ने बताया कि बस काफी तेज गति में थी और मोड़ पर संतुलन बिगड़ने से हादसा हुआ।
प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे और कई लोग खड़े भी थे, जिससे दुर्घटना की गंभीरता और बढ़ गई।
इस हादसे पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने जिला प्रशासन से बात कर राहत कार्यों की जानकारी ली और गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं मनोज सिन्हा ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।
डीएसपी ट्रैफिक के अनुसार हादसे की जांच जारी है और मृतकों व घायलों की सटीक संख्या का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल खड़े करता है, जहां छोटी सी लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ जाती है।
Akhil Mahajan