पंचायत भूमि से अवैध पेड़ कटाई मामले में सरपंच गिरफ्तार
पानीपत के इसराना गांव में पंचायत भूमि पर खड़े कीकर और शीशम के पेड़ों की अवैध कटाई मामले में सरपंच राजेश को CIA थ्री पुलिस ने गिरफ्तार किया।
- पंचायती भूमि से अवैध रूप से पेड़ कटवाने के आरोप में सरपंच गिरफ्तार
- सीआईए थ्री पुलिस ने इसराना के सरपंच राजेश को दबोचा
- शीशम और कीकर के पेड़ काटकर बेचने की साजिश का खुलासा
हरियाणा के पानीपत जिले में पंचायत भूमि पर खड़े पेड़ों को बिना अनुमति अवैध रूप से कटवाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सीआईए थ्री पुलिस ने इसराना ग्राम पंचायत के मौजूदा सरपंच राजेश को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पंचायती भूमि से कीकर और शीशम के पेड़ों को अवैध रूप से कटवाने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार आरोपी सरपंच को रविवार शाम इसराना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इससे पहले मामले में ठेकेदार जितेंद्र की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों ने मिलकर पंचायत भूमि पर खड़े पेड़ों को काटकर बेचने की साजिश रची थी।
सीआईए थ्री प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि इस संबंध में थाना इसराना में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया था कि इसराना गांव में रजबाहे के पास कारद की ओर स्थित पंचायत भूमि पर खड़े कीकर और शीशम के पेड़ों को बिना किसी सरकारी अनुमति के काट दिया गया।
शिकायत मिलने के बाद ग्राम सचिव, कनिष्ठ अभियंता (JE), खंड पटवारी और अन्य अधिकारियों की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट पाया गया कि ग्राम पंचायत इसराना के सरपंच राजेश और ठेकेदार जितेंद्र ने मिलकर पंचायत भूमि पर खड़े पेड़ों की अवैध कटाई करवाई। इसके बाद दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह IPS ने जांच सीआईए थ्री टीम को सौंप दी थी। टीम ने जांच के दौरान अप्रैल महीने में सोनीपत के ढुराना गांव निवासी ठेकेदार जितेंद्र को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने सरपंच राजेश के साथ मिलकर अवैध कटाई की साजिश रचने की बात कबूल की थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि ठेकेदार ने पेड़ों को बेचकर प्राप्त राशि में से कुछ पैसे खर्च कर दिए थे। हालांकि पुलिस ने उसके कब्जे से बची हुई 1 लाख 10 हजार रुपए की नकदी बरामद कर ली थी। बाद में आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
इसके बाद पुलिस लगातार फरार चल रहे सरपंच राजेश की तलाश में जुटी हुई थी। रविवार शाम पुलिस ने उसे इसराना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी सरपंच ने भी ठेकेदार के साथ मिलकर पंचायत भूमि पर खड़े शीशम और कीकर के पेड़ों को कटवाने की बात स्वीकार कर ली।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि पंचायत भूमि पर खड़े सफेदे के पेड़ों की कटाई का ठेका ठेकेदार जितेंद्र ने करीब 1 करोड़ 10 लाख 11 हजार रुपए में लिया था। इसी दौरान दोनों ने साथ लगती पंचायत भूमि पर मौजूद कीकर और शीशम के पेड़ों को भी अवैध रूप से काटकर बेचने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार सफेदे के पेड़ों की कटाई पूरी होने के बाद आरोपीयों ने शीशम और कीकर के पेड़ों को भी कटवाकर बेच दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले में आर्थिक लेनदेन और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
सोमवार को आरोपी सरपंच राजेश को अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई।
Akhil Mahajan