29 सप्ताह में जन्मे बच्चे ने जीती जिंदगी की जंग, 45 दिन बाद मां और बेटा स्वस्थ होकर घर लौटे

पानीपत के द किडनी हॉस्पिटल में 29 सप्ताह में जन्मे प्रीमैच्योर बच्चे और उसकी मां का सफल इलाज किया गया। 45 दिनों की विशेष देखभाल के बाद दोनों स्वस्थ होकर घर लौटे।

29 सप्ताह में जन्मे बच्चे ने जीती जिंदगी की जंग, 45 दिन बाद मां और बेटा स्वस्थ होकर घर लौटे

पानीपत के द किडनी हॉस्पिटल में चुनौतीपूर्ण प्रीमैच्योर डिलीवरी सफल

डॉ. मनीषा मान कादियान और मेडिकल टीम की सतर्क निगरानी से मां-बेटा सुरक्षित

45 दिन तक विशेष देखभाल के बाद स्वस्थ होकर दोनों की हुई घर वापसी


हरियाणा के पानीपत स्थित द किडनी हॉस्पिटल में एक चुनौतीपूर्ण मेडिकल केस का सफलतापूर्वक उपचार किया गया। 29 सप्ताह में जन्मे एक प्रीमैच्योर (समय से पहले जन्मे) बच्चे और उसकी मां को करीब 45 दिनों की विशेष चिकित्सा और निगरानी के बाद स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल में इस खुशी के मौके पर परिवार ने केक काटकर डॉक्टरों और पूरे मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त किया।

गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंची थीं गर्भवती महिला

जानकारी के अनुसार करीब 45 दिन पहले एक गर्भवती महिला को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। महिला का ब्लड प्रेशर काफी अधिक था और मां व गर्भस्थ शिशु दोनों की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी। अस्पताल पहुंचते ही विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तत्काल जांच शुरू कर उपचार प्रारंभ किया।

मेडिकल टीम ने लिया समय पर डिलीवरी का फैसला

सभी जरूरी मेडिकल जांच और लगातार निगरानी के बाद डॉक्टरों ने मां और बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 29 सप्ताह में प्रीमैच्योर डिलीवरी कराने का निर्णय लिया। यह परिवार के लिए बेहद कठिन समय था, लेकिन डॉक्टरों ने पूरी सावधानी और विशेषज्ञता के साथ डिलीवरी प्रक्रिया पूरी की।

45 दिनों तक चली विशेष निगरानी

जन्म के बाद बच्चे को एनआईसीयू (NICU) में विशेष निगरानी में रखा गया। इस दौरान उसकी नियमित जांच, उपचार और पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया। मेडिकल टीम लगातार बच्चे की सेहत पर नजर रखती रही। धीरे-धीरे बच्चे की स्थिति में सुधार होता गया और मां का स्वास्थ्य भी सामान्य होने लगा।

स्वस्थ होकर घर लौटे मां और बेटा

करीब 45 दिनों की लगातार देखभाल के बाद डॉक्टरों ने मां और बच्चे दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताते हुए अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। इस अवसर पर अस्पताल में परिवार ने खुशी जाहिर करते हुए केक काटा और डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ व पूरे अस्पताल प्रबंधन का धन्यवाद किया।

मां श्रेया ने जताया आभार

बच्चे की मां श्रेया ने बताया कि शुरुआत में वह काफी घबराई हुई थीं, लेकिन अस्पताल की पूरी टीम ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और स्टाफ की मेहनत की बदौलत आज वह अपने बेटे को स्वस्थ देखकर बेहद खुश हैं।

डॉक्टरों ने दिया महत्वपूर्ण संदेश

डॉ. मनीषा मान कादियान ने कहा कि प्रीमैच्योर डिलीवरी के मामलों में समय पर इलाज, विशेषज्ञ निगरानी और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मां और बच्चे दोनों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच कराने और किसी भी परेशानी की स्थिति में तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी।