EPFO का नया ऐप मार्च अंत तक लॉन्च, UPI से PF निकासी होगी आसान; 7.5 करोड़ कर्मचारियों को सीधा फायदा

EPFO मार्च 2026 के अंत तक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा, जिससे कर्मचारी UPI के जरिए PF निकासी कर सकेंगे। ऐप UMANG से अलग होगा और बैंक खाते से लिंक रहेगा।

EPFO का नया ऐप मार्च अंत तक लॉन्च, UPI से PF निकासी होगी आसान; 7.5 करोड़ कर्मचारियों को सीधा फायदा

➤ नया EPFO ऐप UMANG से अलग होगा
➤ UPI के जरिए PF सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर
➤ 75 प्रतिशत तक रकम निकाल सकेंगे सदस्य


कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी डिजिटल सुविधा लाने जा रहा है। केंद्र सरकार मार्च के अंत तक EPFO का नया मोबाइल ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए UPI आधारित PF निकासी संभव हो सकेगी। यह नया ऐप मौजूदा UMANG ऐप से अलग होगा और सीधे सब्सक्राइबर के बैंक खाते से लिंक रहेगा।

सूत्रों के अनुसार, इस ऐप को BHIM UPI ऐप और अन्य UPI प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा। इसका मकसद यह है कि कर्मचारी अपने EPF खाते की रकम पहले बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकें और फिर UPI के माध्यम से आसानी से निकासी कर सकें।

अभी क्या है व्यवस्था

फिलहाल EPFO सदस्य UAN पोर्टल के जरिए ऑनलाइन PF निकासी कर सकते हैं, लेकिन UPI से सीधे पैसे निकालने की कोई सुविधा नहीं है। नए ऐप के आने के बाद यह प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज और सरल हो जाएगी।

मार्च के अंत तक होगा रोलआउट

वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, ऐप का टेस्टिंग फेज पूरा हो चुका है और इसे मार्च 2026 के अंत तक लॉन्च कर दिया जाएगा। इस सुविधा के तहत EPFO सदस्य अपने खाते की 75 प्रतिशत तक राशि निकाल सकेंगे, जबकि नियमों के अनुसार कम से कम 25 प्रतिशत बैलेंस खाते में रखना अनिवार्य होगा।

नौकरी छूटने पर क्या नियम

नियमों के मुताबिक, यदि किसी सदस्य की नौकरी चली जाती है, तो वह शेष 25 प्रतिशत राशि 12 महीने बाद ही निकाल सकेगा। यह व्यवस्था कर्मचारियों को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा देने के उद्देश्य से लागू की गई है।

EPFO का विशाल कोष

सूत्रों के अनुसार, EPFO का कुल कोष करीब 26 लाख करोड़ रुपये का है। वहीं, देशभर में इसके करीब 7.5 करोड़ सक्रिय सब्सक्राइबर हैं, जो नियमित रूप से योगदान कर रहे हैं। नए ऐप से इन सभी सदस्यों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल इंडिया और फाइनेंशियल इन्क्लूजन की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगा और कर्मचारियों की EPF से जुड़ी परेशानियों को काफी हद तक कम करेगा।